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झारखंड सरकार ने राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नियुक्त इन आयुक्तों का कार्यकाल तीन वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा।
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झारखंड सूचना आयोग को मिले चार नए सूचना आयुक्त, सरकार ने जारी की अधिसूचना
सूचना का अधिकार व्यवस्था को मिलेगा नया बल, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
सुनील झा | रांची | 10 जून 2026

झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की गई।
झारखंड सरकार ने राज्य में सूचना के अधिकार (RTI) व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए झारखंड राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(3) के तहत इन नियुक्तियों को मंजूरी प्रदान की है।
जारी अधिसूचना के अनुसार नियुक्त किए गए नए सूचना आयुक्तों में अर्जुन कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो तथा शिवपूजन पाठक शामिल हैं। सरकार के इस निर्णय को राज्य में पारदर्शी प्रशासन और सूचना के अधिकार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन-किन व्यक्तियों को बनाया गया सूचना आयुक्त
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार निम्नलिखित व्यक्तियों को झारखंड राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है—
1. अनुज कुमार सिन्हा
रांची निवासी अनुज कुमार सिन्हा को राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व दिया है।
2. तनुज खत्री
रांची के रहने वाले तनुज खत्री को भी सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निपटारे में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
3. अमूल्य नीरज खलखो
अमूल्य नीरज खलखो को भी आयोग में सूचना आयुक्त बनाया गया है। उनके चयन को राज्य के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधित्व के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
4. शिवपूजन पाठक
शिवपूजन पाठक को चौथे सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है। आयोग की कार्यक्षमता बढ़ाने में उनकी भूमिका अहम रहने की उम्मीद है।
क्या होगा कार्यकाल
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 16(3) के तहत सूचना आयुक्तों की नियुक्ति उनके शपथ ग्रहण की तिथि से प्रभावी होगी।
इनका कार्यकाल निम्न में से जो पहले होगा, उसके आधार पर निर्धारित रहेगा—
- तीन वर्ष की अवधि पूर्ण होने तक, अथवा
- 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक।
इस प्रावधान का उद्देश्य आयोग में अनुभवी और जवाबदेह नेतृत्व सुनिश्चित करना है।

सूचना आयोग की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 देश के सबसे महत्वपूर्ण पारदर्शिता कानूनों में से एक माना जाता है। यह कानून नागरिकों को सरकारी विभागों से सूचना प्राप्त करने का अधिकार देता है।
जब किसी आवेदक को समय पर सूचना नहीं मिलती या सूचना देने से इनकार किया जाता है, तब वह राज्य सूचना आयोग में अपील कर सकता है। ऐसे मामलों की सुनवाई कर आयोग अंतिम निर्णय देता है।
झारखंड में भी हर वर्ष हजारों आरटीआई आवेदन और अपीलें दायर होती हैं। ऐसे में आयोग में पर्याप्त संख्या में आयुक्तों की उपलब्धता लंबित मामलों के त्वरित निपटारे में सहायक हो सकती है।
लंबित मामलों के निपटारे में मिलेगी गति
विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना आयोग में रिक्त पदों के भरने से अपील और शिकायतों की सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी। इससे आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में कम समय लगेगा और सरकारी विभागों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
राज्य में लंबे समय से सूचना आयोग की कार्यक्षमता को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में नए आयुक्तों की नियुक्ति से आयोग की संस्थागत क्षमता मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पारदर्शी शासन व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
लोकतांत्रिक व्यवस्था में सूचना का अधिकार नागरिकों को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। सूचना आयोग की सक्रियता सीधे तौर पर प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही से जुड़ी होती है।
नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से न केवल आयोग की कार्यप्रणाली मजबूत होगी बल्कि आम नागरिकों को भी अपने अधिकारों के संरक्षण और सूचना प्राप्ति की प्रक्रिया में बेहतर सुविधा मिलने की संभावना है।
निष्कर्ष
झारखंड सरकार द्वारा राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। इससे आयोग में लंबित मामलों के निपटारे की गति बढ़ने, सूचना के अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का प्रभाव आयोग की कार्यप्रणाली और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति
राज्यपाल की मंजूरी के बाद झारखंड राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्त नियुक्त।
Q1. झारखंड राज्य सूचना आयोग में कितने नए सूचना आयुक्त नियुक्त किए गए हैं?
A. चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की गई है।
Q2. किन व्यक्तियों को सूचना आयुक्त बनाया गया है?
A. अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक को सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है।
Q3. यह नियुक्ति किस कानून के तहत हुई है?
A. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15(3) के तहत नियुक्ति की गई है।
Q4. सूचना आयुक्तों का कार्यकाल कितना होगा?
A. शपथ ग्रहण की तिथि से तीन वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
Q5. सूचना आयोग का मुख्य कार्य क्या है?
A. आरटीआई से जुड़े अपील और शिकायत मामलों की सुनवाई करना तथा नागरिकों के सूचना के अधिकार की रक्षा करना।










