वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के चाचा सीताराम राउत का निधन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

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देवघर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के चाचा सीताराम राउत के निधन पर शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित कई नेताओं और समाजसेवियों ने श्रद्धांजलि दी।

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के चाचा सीताराम राउत का निधन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दिया कंधा, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर

संवाददाता | देवघर | 29 मई 2026

दिवंगत सीताराम राउत की अंतिम यात्रा में शामिल पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, कांग्रेस नेता और समाजसेवी।

देवघर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के चाचा सीताराम राउत के निधन से शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय लोगों में गहरा दुख देखा गया। शुक्रवार को निकाली गई अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

सीताराम राउत के निधन को क्षेत्र के लोग सामाजिक क्षति के रूप में देख रहे हैं। वे लंबे समय से समाज के बीच सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार वे हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े रहने वाले व्यक्तियों में शामिल थे और समाज में उनकी अलग पहचान थी।

अंतिम यात्रा में शामिल हुए कई राजनीतिक और सामाजिक चेहरे

दिवंगत सीताराम राउत की अंतिम यात्रा में झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने पार्थिव शरीर को कंधा देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और गहरी संवेदना व्यक्त की।

बादल पत्रलेख ने कहा कि सीताराम राउत का निधन समाज के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

अंतिम यात्रा में झारखंड कुर्मी महासभा देवघर जिला अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन भी मौजूद रहे। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सीताराम राउत सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्ति थे और समाज में उनकी छवि एक सहयोगी तथा सहज व्यक्तित्व की रही है। उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता, समाजसेवी और स्थानीय लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

गमगीन माहौल में निकली अंतिम यात्रा

सीताराम राउत की अंतिम यात्रा गमगीन माहौल में निकाली गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। शुभचिंतक और रिश्तेदार लगातार परिवार को सांत्वना देते नजर आए।

जब अंतिम यात्रा शुरू हुई तो माहौल भावुक हो गया। लोग “राम नाम सत्य है” के उद्घोष के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुए। श्मशान घाट तक लोगों की लंबी कतार देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि दिवंगत सीताराम राउत ने समाज में कितनी गहरी छाप छोड़ी थी।

सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे सीताराम राउत

स्थानीय लोगों और परिचितों के अनुसार सीताराम राउत सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रहते थे। वे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आते थे और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी पहचान एक सहज और सहयोगी व्यक्ति के रूप में थी।

कई लोगों ने बताया कि वे सामाजिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनके व्यवहार और मिलनसार स्वभाव के कारण हर वर्ग के लोग उनसे जुड़े हुए थे। यही कारण रहा कि उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुंचे।

पंजाबी राउत के घर पहुंचकर नेताओं ने जताई संवेदना
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के घर दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। राजनीतिक दलों के नेताओं, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन पंजाबी राउत और उनके परिवार के साथ खड़ा है। कई नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और कहा कि समाज ने एक सम्मानित व्यक्ति को खो दिया है।

पूरे विधि-विधान से हुआ अंतिम संस्कार

दिवंगत सीताराम राउत का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। परिजनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
अंतिम विदाई के समय माहौल बेहद भावुक हो गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

समाज में छोड़ गए अपनी अलग पहचान

सीताराम राउत भले अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन समाज में उनकी पहचान और लोगों के दिलों में उनकी याद लंबे समय तक बनी रहेगी। उनके निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे ऐसे व्यक्ति थे जो हर किसी से सहजता से मिलते थे और हमेशा सकारात्मक सोच के साथ लोगों की मदद करते थे। उनके जाने से सामाजिक क्षेत्र में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है।

Q1. सीताराम राउत कौन थे?

A. सीताराम राउत वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंजाबी राउत के चाचा थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।

Q2. अंतिम यात्रा में कौन-कौन शामिल हुए?

A. अंतिम यात्रा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, डॉ राजीव रंजन, कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

Q3. बादल पत्रलेख ने क्या कहा?

A. बादल पत्रलेख ने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

Q4. सीताराम राउत की समाज में कैसी छवि थी?

A. वे सरल, मिलनसार और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते थे।

Q5. अंतिम संस्कार कहां हुआ?

A. दिवंगत सीताराम राउत का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ स्थानीय श्मशान घाट में संपन्न कराया गया।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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