जनसंख्या नियंत्रण ही सच्चा राष्ट्र निर्माण: बादल पत्रलेख देवघर में सम्मान समारोह के दौरान बोले—यह अभियान देश का भविष्य बदलने की क्षमता रखता है

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जनसंख्या नियंत्रण ही सच्चा राष्ट्र निर्माण: देवघर में विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन के अभियान पर बादल पत्रलेख का बड़ा बयान

 

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देवघर में विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन के जनसंख्या नियंत्रण अभियान के सम्मान समारोह में पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने इसे राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया।

 

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जनसंख्या नियंत्रण ही सच्चा राष्ट्र निर्माण: बादल पत्रलेख

देवघर में सम्मान समारोह के दौरान बोले—यह अभियान देश का भविष्य बदलने की क्षमता रखता है

देवघर। अनियंत्रित जनसंख्या देश के समग्र विकास में सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है और यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो विकास से जुड़ी सभी योजनाएं दबाव में आ जाएंगी। यह स्पष्ट शब्दों में कहना था पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख का, जो देवघर में आयोजित जनसंख्या नियंत्रण अभियान के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कोई साधारण सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की बुनियाद है और इस दिशा में विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन द्वारा किया जा रहा कार्य सराहनीय ही नहीं, बल्कि अनुकरणीय है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि जिस प्रतिबद्धता, निरंतरता और सामाजिक समझ के साथ यह अभियान गांव-गांव तक पहुंच रहा है, वह आने वाले समय में देशव्यापी बदलाव का आधार बन सकता है।

 

महिलाओं और सहयोगियों के सम्मान से मजबूत हुआ सामाजिक संदेश

जनसंख्या संतुलन की दिशा में सार्थक पहल

विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मान समारोह का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिलाओं और उनके प्रेरकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना था। इसके साथ ही समाज को यह संदेश देना भी था कि यदि जागरूकता और सहभागिता हो, तो कठिन से कठिन सामाजिक समस्या का समाधान संभव है।

समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख के साथ राष्ट्रीय मानव संसाधन मिशन के विशेष सचिव शशि प्रकाश झा, तक्षशिला विद्यापीठ के प्रबंध निदेशक अशोकानंद झा, कृष्णधन खवाड़े, सुभाष राय, रमेश बाजला, डॉ राजेश प्रसाद, प्रो रामनन्दन सिंह, रीता चौरसिया, जे सी राज, बिनोद सुल्तानिया सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

जागरूकता से जनसंख्या नियंत्रण तक का प्रभावी सामाजिक अभियान

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और संतुलन पर एक साथ कार्य

स्वागत उद्बोधन में विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन के संस्थापक डॉ एन डी मिश्रा ने संगठन की सोच, उद्देश्य और अब तक की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि संगठन का गठन समाज में दायित्वबोध विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

डॉ मिश्रा ने बताया कि संगठन ने अपने जनसंख्या नियंत्रण अभियान की शुरुआत मगडीहा गांव से की, जहां निरंतर जनजागरूकता के माध्यम से जनसंख्या संतुलन को सफलतापूर्वक लागू किया गया। इसके बाद भोड़ा जमुआ, महापुर, मगडीहा और बिंझा पंचायत के अंतर्गत आने वाले कुल दस गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसंख्या नियंत्रण के समग्र लक्ष्य के साथ गोद लिया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि नए सत्र में इन गांवों की छप्पन महिलाओं ने स्वेच्छा से जनसंख्या नियंत्रण के उपाय अपनाए। इन्हीं महिलाओं और उन्हें प्रेरित करने वाले सहयोगियों को इस समारोह में सम्मानित किया गया।

डॉ मिश्रा ने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, संसाधनों पर बढ़ता दबाव और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याओं की मूल वजह अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि है।

 

जनसंख्या वृद्धि विकास की सबसे बड़ी बाधा

वक्ताओं ने सामाजिक सहभागिता पर दिया जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृष्णधन खवाड़े ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि आज देश की प्रगति के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है। पहले अशिक्षा और जागरूकता के अभाव में यह समस्या बढ़ती चली गई, लेकिन अब समाज को जिम्मेदारी समझनी होगी।

उन्होंने विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पहले जागरूकता और फिर निर्णय—यह क्रम ही इस अभियान की सफलता का आधार है।

तक्षशिला विद्यापीठ के प्रबंध निदेशक अशोकानंद झा ने कहा कि जनसंख्या का प्रश्न केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और दुनिया को प्रभावित करने वाला विषय है। सामाजिक संगठनों द्वारा उठाए गए ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य की नींव रखते हैं।

 

सरकारी योजनाओं को सामाजिक संगठनों का सहयोग जरूरी

संस्थागत सहभागिता से अभियान को मिलती है मजबूती

राष्ट्रीय मानव संसाधन मिशन के विशेष सचिव शशि प्रकाश झा ने कहा कि सरकारें जनसंख्या नियंत्रण के लिए योजनाएं चलाती हैं, लेकिन जब सामाजिक संगठन आगे आते हैं, तब अभियानों को जनआंदोलन का स्वरूप मिलता है।

उन्होंने कहा कि यदि देश में जनसंख्या संतुलित रहेगी तो रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और संसाधनों पर पड़ने वाला दबाव स्वतः कम होगा।

 

यह अभियान देशव्यापी बदलाव की शुरुआत है: बादल पत्रलेख

ग्रामीण बदलाव को बताया मजबूत राष्ट्र की नींव

पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व दायित्ववान नागरिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा जनसंख्या नियंत्रण अभियान वास्तविक अर्थों में राष्ट्र निर्माण का कार्य है।

उन्होंने कहा—

“डॉ एन डी मिश्रा ने जिस सोच और संकल्प के साथ यह अभियान शुरू किया है, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। जिन गांवों की जिम्मेदारी संगठन ने ली है, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिख रहा है। यह पहल आने वाले समय में देश के सामाजिक परिदृश्य को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।”

उन्होंने विश्वास जताया कि यह मॉडल अन्य जिलों और राज्यों में भी अपनाया जाएगा।

बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित

समारोह में डॉ नीलचंद्र सिद्धांत, गोपाल कृष्ण शर्मा, संजय मिश्र, सुबोध झा, एस डी मिश्रा, उमाकांत सिंह, रूपाश्री, रीता चौरसिया, डॉ पल्लवी, गुड्डु बंका, मणिकांत पाठक, जवाहर सिंह, डॉ नीतू, कुमार कौशिक, राजेंद्र गुप्ता, राजीव रंजन, सोनम चौधरी, रविशंकर साह, डॉ हर्ष, मो जमरुद्दीन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और ग्रामीण प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रामसेवक सिंह गुंजन और राकेश राय ने संयुक्त रूप से किया।

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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