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देवघर में एटीएस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3 आरोपी गिरफ्तार, अवैध हथियार और कारतूस बरामद। जानिए पूरा मामला, आरोपियों का आपराधिक इतिहास और पुलिस की कार्रवाई।
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देवघर में ATS और पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 3 आरोपी गिरफ्तार, अवैध हथियार और कारतूस बरामद
कई गंभीर मामलों में शामिल रहे आरोपी, अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच शुरू
रिपोर्टर डेस्क | देवघर | 25 अप्रैल 2026

पुलिस द्वारा बरामद हथियार और गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर
देवघर जिले में अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) झारखंड और देवघर पुलिस की संयुक्त छापेमारी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से अवैध हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद किया है।
यह कार्रवाई 24 अप्रैल 2026 को देवघर नगर थाना क्षेत्र में की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी न केवल अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल थे, बल्कि कई आपराधिक घटनाओं में भी उनकी भूमिका सामने आई है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी अवैध हथियारों का कारोबार कर रहे हैं और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी में हैं। इसी सूचना के आधार पर एटीएस और स्थानीय पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।
इस दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें प्रमुख आरोपी अजीत कुमार पाण्डेय उर्फ अजीत कुमार मिश्रा शामिल है। पूछताछ में यह सामने आया कि ये लोग पैसे लेकर हत्या जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने की योजना बनाते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त भी करते थे और जरूरत पड़ने पर अपराधियों को हथियार उपलब्ध कराते थे।
बरामद सामान ने खोले कई राज
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक और गैरकानूनी सामान बरामद किए।
बरामदगी में शामिल:
एक पिस्टल (Made in USA)
7.65 एमएम के 7 जिंदा कारतूस
एक देशी कट्टा
कई मोबाइल फोन
अन्य संदिग्ध सामग्री
इन बरामद वस्तुओं से यह साफ संकेत मिलता है कि आरोपी संगठित तरीके से अपराधी गतिविधियों में शामिल थे।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
मुख्य आरोपी अजीत कुमार पाण्डेय का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह विभिन्न थानों में दर्ज कई मामलों में आरोपी रह चुका है। इनमें नगर थाना, जसीडीह थाना और सिमुलतला थाना के केस शामिल हैं।
वहीं अन्य गिरफ्तार आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस को शक है कि ये सभी एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं, जिसका नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है।
अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच
पुलिस को जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि इस गिरोह का संबंध बिहार के मुंगेर जैसे क्षेत्रों से हो सकता है, जो अवैध हथियारों के लिए कुख्यात माना जाता है।
इस एंगल को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क हो सकता है।
पुलिस और ATS की संयुक्त टीम की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में एटीएस झारखंड और देवघर पुलिस की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही।
टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल थे, जिन्होंने रणनीतिक तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। छापेमारी पूरी तरह से योजनाबद्ध थी, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे और जिले में अपराध पर सख्ती से नियंत्रण किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी सतर्कता
इस घटना के बाद देवघर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और आम लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
देवघर में एटीएस और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा संदेश है कि कानून से बचना आसान नहीं है। लगातार हो रही सख्त कार्रवाई से यह साफ है कि प्रशासन अब अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
इस कार्रवाई से न केवल एक संभावित बड़ी आपराधिक घटना को रोका गया, बल्कि एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश भी हुआ है। आने वाले दिनों में जांच के और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Q1. देवघर में कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए?
A. तीन आरोपियों को पुलिस और एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया।
Q2. आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
A. पिस्टल, कारतूस, देशी कट्टा और मोबाइल फोन सहित कई सामान बरामद हुए।
Q3. क्या आरोपियों का आपराधिक इतिहास है?
A. हाँ, मुख्य आरोपी पर कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
Q4. क्या यह गिरोह अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा है?
A. पुलिस को शक है कि गिरोह का संबंध बिहार सहित अन्य राज्यों से हो सकता है।
Q5. आगे क्या कार्रवाई होगी?
A. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क का विस्तार जानने की कोशिश कर रही है और आगे भी छापेमारी जारी रहेगी।









