ऑपरेशन समय पालन: अलार्म चेन दुरुपयोग पर आसनसोल मंडल की बड़ी कार्रवाई, 1,455 गिरफ्तार
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आसनसोल रेल मंडल ने ऑपरेशन समय पालन के तहत अलार्म चेन दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की। 1,484 मामले दर्ज, 1,455 गिरफ्तार और ₹8.78 लाख जुर्माना वसूला गया।
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ऑपरेशन समय पालन: अलार्म चेन दुरुपयोग पर आसनसोल रेल मंडल की सख्त कार्रवाई
1,484 मामले दर्ज, 1,455 गिरफ्तार; ₹8.78 लाख जुर्माना वसूला, यात्रियों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
संवाददाता | देवघर | 22 अप्रैल 2026

पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल ने “ऑपरेशन समय पालन” के तहत अलार्म चेन के दुरुपयोग के खिलाफ बड़े स्तर पर सख्त अभियान चलाया है। यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों के सुचारू संचालन को बनाए रखना, समयपालन सुनिश्चित करना और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के कुल 1,484 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1,455 मामलों में दोषियों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही कुल ₹8,78,200 का जुर्माना वसूला गया है, जो इस बात का संकेत है कि रेलवे प्रशासन इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है।
क्या है “ऑपरेशन समय पालन” और क्यों जरूरी है?
“ऑपरेशन समय पालन” रेलवे द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की समयबद्धता बनाए रखना और अनावश्यक रुकावटों को रोकना है। अलार्म चेन का दुरुपयोग ट्रेनों को बीच रास्ते में रोक देता है, जिससे न केवल रेल परिचालन प्रभावित होता है, बल्कि सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दंड देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से यात्रियों को जागरूक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और नियमों का पालन करें।
जागरूकता के बावजूद क्यों नहीं रुक रहीं घटनाएं?
रेलवे द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्टेशनों पर उद्घोषणाएं की जा रही हैं, यात्रियों को परामर्श दिया जा रहा है और नियमित जांच अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई मामलों में यात्री बिना किसी आपात स्थिति के अलार्म चेन खींच देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार यात्रियों में नियमों की जानकारी की कमी होती है, तो कई बार वे जानबूझकर नियमों की अनदेखी करते हैं। यही कारण है कि रेलवे प्रशासन अब सख्ती के साथ-साथ जागरूकता पर भी बराबर जोर दे रहा है।
एक गलती, सैकड़ों यात्रियों पर भारी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति बिना कारण अलार्म चेन खींचता है, तो ट्रेन को अचानक रोकना पड़ता है। इससे ट्रेन की समयसारिणी बिगड़ जाती है और अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता है।
ऐसी घटनाओं का असर खासतौर पर उन यात्रियों पर ज्यादा पड़ता है, जो समय के पाबंद होते हैं—जैसे परीक्षा देने जा रहे छात्र, इलाज के लिए जा रहे मरीज, नौकरी या ड्यूटी पर जा रहे लोग और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले यात्री।
हाल ही में एक मामले में एक यात्री अपने परिजन के साथ जरूरी चिकित्सा परामर्श के लिए यात्रा कर रहा था, लेकिन अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण ट्रेन रुक गई। इस वजह से न केवल उनका समय बर्बाद हुआ, बल्कि उनकी चिंता भी बढ़ गई। ऐसे उदाहरण बताते हैं कि यह समस्या कितनी गंभीर हो सकती है।
आपातकालीन स्थिति के लिए है अलार्म चेन
रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अलार्म चेन केवल आपातकालीन और जीवनरक्षक परिस्थितियों के लिए ही बनाई गई है। जैसे—ट्रेन में किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ जाना, आग लगना या कोई अन्य गंभीर स्थिति।
इसका दुरुपयोग करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
क्या कहता है कानून?
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत अलार्म चेन का दुरुपयोग करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके तहत दोषी व्यक्ति को:
एक वर्ष तक का कारावास
₹1,000 तक का जुर्माना
या दोनों दंड दिए जा सकते हैं
पहली बार दोषी पाए जाने पर न्यूनतम ₹500 का जुर्माना अनिवार्य है। वहीं, यदि कोई व्यक्ति बार-बार इस तरह की गलती करता है, तो उसे तीन महीने तक की सजा भी हो सकती है।
रेलवे की सख्ती और भविष्य की रणनीति
आसनसोल रेल मंडल ने यह स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं पर और कड़ी निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील स्टेशनों और रेल खंडों में विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं और अचानक चेकिंग की जा रही है।
इसके साथ ही रेलवे यात्रियों को जागरूक करने के लिए डिजिटल माध्यमों, पोस्टर, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके।
रेलवे की अपील: जिम्मेदार बनें यात्री
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करें और अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें। यह न केवल उनकी अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि अन्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
“ऑपरेशन समय पालन” एक ऐसा अभियान है, जो सिर्फ नियमों का पालन कराने के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। एक छोटी सी लापरवाही सैकड़ों लोगों की परेशानी का कारण बन सकती है, इसलिए हर यात्री की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और दूसरों के हित का भी ध्यान रखे।
Q1. अलार्म चेन का उपयोग कब करना चाहिए?
A. केवल आपातकालीन स्थिति में, जैसे किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर।
Q2. गलत तरीके से चेन खींचने पर क्या सजा है?
A. जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं, जैसा कि रेलवे अधिनियम में प्रावधान है।
Q3. इस अभियान में कितने मामले सामने आए?
A. वित्तीय वर्ष 2025–26 में 1,484 मामले दर्ज किए गए हैं।
Q4. रेलवे इस समस्या से कैसे निपट रहा है?
A. जागरूकता अभियान, सख्त जांच और जुर्माना वसूल कर।








