हल्की बारिश में डूबा देवघर, मेयर का एक्शन मोड: नालों की सफाई से लेकर पंप-टैंकर स्टैंडबाय तक सख्त निर्देश

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देवघर में हल्की बारिश के बाद जलजमाव की समस्या पर मेयर रवि कुमार राउत ने अधिकारियों के साथ बैठक कर नालों की सफाई, पंप-टैंकर स्टैंडबाय और दीर्घकालिक समाधान पर दिए निर्देश।

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हल्की बारिश में डूबा देवघर, मेयर का एक्शन मोड: नालों की सफाई से लेकर पंप-टैंकर स्टैंडबाय तक सख्त निर्देश

वार्ड 24 समेत कई इलाकों में जलजमाव से बढ़ी परेशानी, निगम ने शुरू की त्वरित और दीर्घकालिक समाधान की तैयारी

मुख्य संवाददाता | देवघर | 9 अप्रैल 2026

देवघर में हुई हल्की बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मामूली बारिश में ही वार्ड नंबर 24 के छत्तीसी मोहल्ला सहित कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस गंभीर समस्या को देखते हुए मेयर रवि कुमार राउत ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर न सिर्फ वर्तमान स्थिति की समीक्षा की, बल्कि भविष्य के लिए ठोस और सख्त निर्देश भी जारी किए।

नगर निगम सभागार में हुई अहम बैठक

जलजमाव की समस्या को लेकर गुरुवार को देवघर नगर निगम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उप महापौर टिप चटर्जी, संबंधित वार्ड पार्षदों और नगर निगम के अभियंताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में बारिश के बाद उत्पन्न हालात की वास्तविक स्थिति को समझना और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।

मेयर ने बैठक के दौरान अधिकारियों से विभिन्न क्षेत्रों की ग्राउंड रिपोर्ट ली और उन स्थानों की विशेष पहचान करने को कहा, जहां जलजमाव की समस्या बार-बार सामने आती है।

हल्की बारिश में ही जलजमाव पर मेयर की नाराजगी

बैठक के दौरान मेयर रवि कुमार राउत ने स्पष्ट नाराजगी जताते हुए कहा कि “अगर थोड़ी सी बारिश में ही शहर के कई हिस्सों में पानी भर जा रहा है, तो यह नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।”

उन्होंने कहा कि इस स्थिति से आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है—सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है, घरों में पानी घुसने का खतरा रहता है और बीमारियों का भी जोखिम बढ़ जाता है।

नालों की सफाई पर विशेष जोर

मेयर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शहर की बड़ी नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके साथ ही छोटे-बड़े सभी नालों की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि:

* नालों में जमी गंदगी और कचरे को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए

* जल निकासी मार्ग को अवरुद्ध करने वाले अतिक्रमणों की पहचान की जाए

* नियमित सफाई के लिए एक स्थायी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए

पंप और टैंकर रहेंगे स्टैंडबाय मोड में

जलजमाव की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए मेयर ने पंप और टैंकर को स्टैंडबाय में रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी क्षेत्र में पानी जमा होने की सूचना मिले, तत्काल पंपिंग कर पानी निकाला जाए।

यह निर्णय खासकर उन इलाकों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां हर बारिश में पानी भरने की समस्या होती है।

संवेदनशील क्षेत्रों की होगी पहचान

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहर के उन संवेदनशील क्षेत्रों की सूची तैयार की जाए, जहां जलजमाव की समस्या बार-बार होती है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएंगे।

फील्ड विजिट और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश
मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड विजिट करें। उन्होंने कहा कि:
*अधिकारी मौके पर जाकर समस्याओं का निरीक्षण करें और तुरंत समाधान सुनिश्चित करें

* लापरवाही बरतने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय की जाए

जनप्रतिनिधियों ने भी रखी अपनी बात

बैठक में मौजूद वार्ड पार्षद प्रदीप चौधरी, मृत्युंजय राउत, संदीप कुमार, गोपी कुमार गुप्ता और मंजू देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर नालों की सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को हर बारिश में परेशानी झेलनी पड़ती है।

दीर्घकालिक योजना पर भी हुआ मंथन

सिर्फ तात्कालिक समाधान ही नहीं, बल्कि भविष्य में जलजमाव की समस्या से स्थायी निजात पाने के लिए भी बैठक में चर्चा हुई। मेयर ने कहा कि शहर के लिए एक मजबूत ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना जरूरी है, ताकि बढ़ती आबादी और बदलते मौसम के अनुसार जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

नागरिकों को राहत देने की प्राथमिकता

मेयर ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम की पहली प्राथमिकता नागरिकों को राहत देना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष

देवघर में हल्की बारिश के बाद जलजमाव की समस्या ने नगर निगम की तैयारियों की पोल जरूर खोल दी है, लेकिन मेयर के सख्त रुख और त्वरित कार्रवाई के निर्देश से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा। यदि नालों की नियमित सफाई, पंप-टैंकर की तत्परता और दीर्घकालिक योजना पर सही तरीके से अमल होता है, तो शहरवासियों को जलजमाव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

 

Q1. देवघर में जलजमाव की समस्या किन क्षेत्रों में अधिक है?

A. वार्ड नंबर 24 के छत्तीस मोहल्ला सहित कई निचले इलाकों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।

Q2. नगर निगम ने समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं?

A. नालों की सफाई, पंप-टैंकर स्टैंडबाय, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और नियमित मॉनिटरिंग जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

Q3. क्या दीर्घकालिक समाधान पर भी काम हो रहा है?

A. हाँ, नगर निगम शहर के लिए एक मजबूत ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की योजना बना रहा है।

Q4. जलजमाव से नागरिकों को क्या समस्याएं होती हैं?

A. आवागमन में दिक्कत, घरों में पानी घुसने का खतरा और बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

Disclaimer: यह खबर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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