हलीमा बांध प्रकरण पर सख्ती: पार्षदों का दल डिप्टी मेयर से मिला, जांच व समाधान की मांग तेज

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देवघर में हलीमा बांध प्रकरण को लेकर पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल डिप्टी मेयर से मिला। जांच, अतिक्रमण हटाने, अटल स्मृति पार्क, जलसार तालाब और राजस्व बढ़ाने पर हुई चर्चा।

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हलीमा बांध प्रकरण पर सख्ती: पार्षदों का दल डिप्टी मेयर से मिला, जांच व समाधान की मांग तेज

अटल स्मृति पार्क, जलसार तालाब, अतिक्रमण और राजस्व बढ़ाने के मुद्दे भी उठे, शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

संवाददाता | देवघर | 06 अप्रैल 2026

देवघर नगर निगम कार्यालय में डिप्टी मेयर से मिलते पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल

हलीमा बांध प्रकरण बना मुख्य मुद्दा, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

देवघर नगर निगम क्षेत्र में हलीमा बांध प्रकरण को लेकर सियासत और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सोमवार को कई वार्ड पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम कार्यालय पहुंचा और डिप्टी मेयर टिप चटर्जी से मुलाकात कर इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की।

पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि हलीमा बांध से जुड़ा मामला केवल स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में नगर निगम के संसाधनों, विशेषकर वाहनों के उपयोग को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनकी जांच जरूरी है।

पार्षदों ने मांग की कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डिप्टी मेयर का आश्वासन: नगर आयुक्त को जांच का निर्देश

डिप्टी मेयर टिप चटर्जी ने पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि मामले में पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, संबंधित वीडियो नगर आयुक्त को भेजकर जांच के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि नगर निगम का वाहन किसके निर्देश पर उपयोग किया गया और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है।
डिप्टी मेयर ने यह भी कहा कि हलीमा बांध क्षेत्र में भरी गई मिट्टी को हटाकर तालाब की मूल स्थिति बहाल करना प्राथमिकता होगी। साथ ही पार्षदों से अपील की गई कि वे भी अपने स्तर पर तथ्यों की जानकारी जुटाकर जांच में सहयोग करें।

अतिक्रमण हटाने और जल निकायों की सुरक्षा पर जोर

बैठक में पार्षदों ने हलीमा बांध क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण जल निकायों का स्वरूप बिगड़ रहा है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ रहा है।

पार्षदों ने मांग की कि नगर निगम विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाए और जलस्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर स्थायी संरक्षण योजना बनाई जाए।

अटल स्मृति पार्क: टिकट शुल्क कम करने और सुविधाएं बढ़ाने की मांग

वार्ड नंबर 9 के पार्षद मोहम्मद सरवर शेख ने सुरतिलौना स्थित अटल स्मृति पार्क के संचालन और अनुबंध प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्क का वर्तमान टिकट शुल्क आम नागरिकों के लिए अधिक है, जिससे इसकी पहुंच सीमित हो रही है।
उन्होंने मांग की कि टिकट दरों में कमी की जाए और स्थानीय निवासियों के लिए सुबह 5 बजे से 7 बजे तक मॉर्निंग वॉक हेतु नि:शुल्क प्रवेश की व्यवस्था की जाए।

इसके अलावा, पार्क में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करने और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।

जलसार तालाब और चिल्ड्रेन पार्क के प्रबंधन पर उठे सवाल

वार्ड नंबर 35 के पार्षद प्रदीप चौधरी ने जलसार तालाब और चिल्ड्रेन पार्क के प्रबंधन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि इन स्थलों का संचालन नगर निगम के पास रहता, तो न केवल बेहतर रखरखाव संभव होता, बल्कि राजस्व में भी वृद्धि होती।
उन्होंने सुझाव दिया कि इन स्थलों के अनुबंध और संचालन व्यवस्था की समीक्षा कर बेहतर मॉडल तैयार किया जाए, जिससे जनता को बेहतर सुविधाएं मिलें और निगम की आय भी बढ़े।

स्विमिंग पूल और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव की समीक्षा जरूरी

बैठक में स्विमिंग पूल सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव और अनुबंध प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। पार्षदों ने कहा कि कई स्थानों पर सुविधाएं ठीक से संचालित नहीं हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की कि नगर निगम नियमित निरीक्षण करे और अनुबंधों की पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

जल संचयन और राजस्व बढ़ाने के नए स्रोतों पर जोर

पार्षदों ने जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देने और नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए नए स्रोत तलाशने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने सुझाव दिया कि शहर में बड़े पैमाने पर जल संचयन योजनाएं लागू की जाएं और सरकारी-निजी साझेदारी के माध्यम से आय के नए अवसर विकसित किए जाएं।

निगम कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मुद्दा भी उठा
बैठक के दौरान निगम कर्मचारियों के वेतन भुगतान में अनियमितता का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। पार्षदों ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से उनके कार्य पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और कार्यक्षमता में सुधार हो।

शीघ्र होगी विस्तृत बैठक, समाधान का भरोसा

डिप्टी मेयर टिप चटर्जी ने सभी मुद्दों पर जल्द ही एक विस्तृत बैठक बुलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हर समस्या का व्यवस्थित समाधान निकालने के लिए सभी संबंधित पक्षों को साथ लेकर निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हलीमा बांध प्रकरण में प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही की संभावना सामने आई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

निष्कर्ष

देवघर में हलीमा बांध प्रकरण ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षदों की सक्रियता और प्रशासन की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में इस मामले में ठोस कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होती है, तो न केवल दोषियों पर कार्रवाई संभव होगी, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा। साथ ही, अतिक्रमण, जल संचयन और सार्वजनिक स्थलों के प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।

Q1. हलीमा बांध प्रकरण क्या है?

A. हलीमा बांध प्रकरण एक स्थानीय विवाद है, जिसमें नगर निगम के संसाधनों के उपयोग और तालाब क्षेत्र में हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठे हैं।

Q2. पार्षदों ने क्या मांग की है?

A. पार्षदों ने निष्पक्ष जांच, अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Q3. डिप्टी मेयर ने क्या आश्वासन दिया?

A. उन्होंने जांच के आदेश देने, तालाब की स्थिति बहाल करने और सभी मुद्दों पर जल्द बैठक बुलाने का आश्वासन दिया।

Q4. अटल स्मृति पार्क को लेकर क्या मुद्दा है?

A. पार्क का टिकट शुल्क अधिक होने और सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर पार्षदों ने सुधार की मांग की है।

Q5. आगे क्या कार्रवाई होगी?

A. जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए विस्तृत योजना बनाई जाएगी।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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