देवघर में दिल के मरीजों को बड़ी राहत: त्रिदेव अस्पताल में शुरू हुई पेसमेकर व एंजियोग्राफी सुविधा

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देवघर में पहली बार कैथ लैब सुविधा शुरू, त्रिदेव अस्पताल में पेसमेकर और एंजियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध। पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख की पहल से संथाल परगना के मरीजों को बड़ी राहत।

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देवघर में दिल के मरीजों को बड़ी राहत: त्रिदेव अस्पताल में शुरू हुई पेसमेकर व एंजियोग्राफी सुविधा

संथाल परगना का पहला कैथ लैब, बादल पत्रलेख बोले: अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा

मुख्य संवाददाता | देवघर | 04 अप्रैल 2026

देवघर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। अब यहां के दिल के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के आग्रह पर त्रिदेव अस्पताल में पेसमेकर लगाने और एंजियोग्राफी जैसी अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधाओं की शुरुआत हो गई है। यह संथाल परगना क्षेत्र का पहला कैथ लैब है, जो स्थानीय मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा।

व्यक्तिगत पीड़ा से जनहित का संकल्प

इस महत्वपूर्ण पहल के पीछे बादल पत्रलेख की व्यक्तिगत संवेदना और संकल्प जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल 2025 को उनके पिता स्वर्गीय हरिशंकर पत्रलेख का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था। उस समय देवघर में इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका।

उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि उस समय देवघर में कैथ लैब और पेसमेकर जैसी सुविधा होती, तो शायद उनके पिता को बचाया जा सकता था। इसी घटना ने उन्हें झकझोर दिया और उन्होंने संकल्प लिया कि देवघर में हर हाल में आधुनिक हृदय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

त्रिदेव अस्पताल में कैथ लैब की स्थापना

अपने संकल्प को साकार करने के लिए बादल पत्रलेख ने त्रिदेव अस्पताल के निदेशक डॉ राकेश कुमार से संपर्क किया और कैथ लैब स्थापित करने का आग्रह किया। उनके प्रयासों और अस्पताल प्रबंधन के सहयोग से यह सुविधा अब धरातल पर उतर चुकी है।
शनिवार को पूर्व मंत्री स्वयं अस्पताल पहुंचे और कैथ लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने मशीनों, तकनीकी व्यवस्थाओं और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता

इस कैथ लैब में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज कुमार शर्मा अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो दिल्ली के प्रतिष्ठित एम्स में काम कर चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ अब देवघर और आसपास के मरीजों को मिल रहा है।

डॉ शर्मा ने बताया कि अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित टीम की मदद से यहां सभी प्रक्रियाएं सुरक्षित और सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

एक सप्ताह में पांच सफल उपचार

कैथ लैब शुरू होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही पांच मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है। इनमें दो मरीजों को पेसमेकर लगाया गया, जबकि अन्य मरीजों की एंजियोग्राफी की गई।

डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अब स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा मिलने से मरीजों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

आयुष्मान योजना से जोड़ने की तैयारी

बादल पत्रलेख ने कहा कि हृदय रोग का इलाज आम तौर पर महंगा होता है, इसलिए उनकी प्राथमिकता है कि इस सुविधा को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भी मुफ्त या कम लागत में इलाज मिल सकेगा।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

तकनीकी रूप से सुसज्जित कैथ लैब

अस्पताल के निदेशक डॉ राकेश कुमार ने बताया कि यह संथाल परगना का पहला कैथ लैब है, जहां इस स्तर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मशीनों की स्थापना के लिए बाहर से विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम बुलाई गई थी और सभी तकनीकी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल का लक्ष्य है कि यह सुविधा आम लोगों के लिए सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध हो।

मरीजों में खुशी, परिवारों को राहत

इस सुविधा का लाभ उठाने वाले मरीजों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। बिहार के भागलपुर जिले के छोटकी नाकी गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मोहम्मद बशीरुद्दीन, जिन्हें हाल ही में पेसमेकर लगाया गया, ने इस सुविधा को जीवनदायी बताया।

पूर्व मंत्री ने उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। साथ ही उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

पहले मरीज की सफलता बनी मिसाल

उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल में पहला पेसमेकर देवघर एम्स से जुड़े एक चिकित्सक की माता को लगाया गया था, जो अब पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुकी हैं। यह सफलता इस सुविधा की विश्वसनीयता को दर्शाती है।

क्षेत्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव

देवघर में इस अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत न केवल एक चिकित्सा उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे संथाल परगना क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य क्रांति के समान है। अब मरीजों को पटना, कोलकाता, रांची या दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर भागना नहीं पड़ेगा।

इससे समय पर इलाज संभव होगा, आर्थिक बोझ कम होगा और मरीजों की जीवन रक्षा की संभावना बढ़ेगी।

निष्कर्ष

त्रिदेव अस्पताल में शुरू हुई कैथ लैब और हृदय चिकित्सा सुविधाएं देवघर के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगी। यह पहल बताती है कि यदि जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य संस्थान मिलकर काम करें, तो क्षेत्रीय स्तर पर भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

बादल पत्रलेख की यह पहल आने वाले समय में हजारों मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है।

Q1. देवघर में कौन-कौन सी नई हृदय सुविधा शुरू हुई है?

A. देवघर के त्रिदेव अस्पताल में पेसमेकर और एंजियोग्राफी की सुविधा के साथ कैथ लैब शुरू हुई है।

Q2. यह सुविधा किसकी पहल पर शुरू हुई?

A. यह सुविधा पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की पहल पर शुरू की गई है।

Q3. क्या यह संथाल परगना का पहला कैथ लैब है?

A. हां, यह संथाल परगना क्षेत्र का पहला कैथ लैब है।

Q4. क्या गरीब मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा?

A. इसे आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की तैयारी है, जिससे गरीब मरीजों को भी लाभ मिल सकेगा।

Q5. इस सुविधा से क्या फायदा होगा?

A. मरीजों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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