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देवघर महिला अंडर-23 क्रिकेट टीम ने रांची को 3 रन से हराकर झारखंड स्टेट चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता। सरिता सोरेन बनीं सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज।
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ऐतिहासिक जीत: रांची को हराकर देवघर की बेटियां बनीं झारखंड अंडर-23 स्टेट चैंपियन
चाईबासा के रोमांचक फाइनल में 3 रन से कब्जा, पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रही टीम; सरिता सोरेन बनीं सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज
देवघर/चाईबासा | खेल संवाददाता | 31 मार्च 2026

देवघर की बेटियों ने झारखंड के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। झारखंड महिला अंडर-23 क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में देवघर जिला महिला टीम ने रांची को मात्र 3 रनों से हराकर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। चाईबासा में खेले गए इस मुकाबले में आखिरी गेंद तक सस्पेंस बना रहा, लेकिन अंततः देवघर की टीम ने धैर्य और संघर्ष के दम पर जीत दर्ज कर ली।
यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि देवघर के उभरते खेल प्रतिभा, महिला सशक्तिकरण और मेहनत की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। खास बात यह रही कि टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रही, जिसने इस उपलब्धि को और भी ऐतिहासिक बना दिया।
टूर्नामेंट में दबदबा: शुरुआत से फाइनल तक शानदार प्रदर्शन
25 मार्च से शुरू हुए इस राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में देवघर की टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। कमलकांत नरोने स्टेडियम में खेले गए लीग मुकाबलों में टीम ने अपने सभी मैच जीतकर ग्रुप चैंपियन के रूप में नॉकआउट में प्रवेश किया।
हर मुकाबले में टीम का प्रदर्शन संतुलित और आत्मविश्वास से भरा नजर आया। बल्लेबाजी में जहां निरंतरता देखने को मिली, वहीं गेंदबाजों ने भी विपक्षी टीमों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
सेमीफाइनल में रामगढ़ पर एकतरफा जीत
नॉकआउट चरण में देवघर का मुकाबला सेमीफाइनल में रामगढ़ से हुआ, जहां टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 8 विकेट से आसान जीत दर्ज की। इस मैच में बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिससे टीम ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ टीम का आत्मविश्वास चरम पर पहुंच गया और फाइनल के लिए मजबूत मनोबल तैयार हुआ।
फाइनल मुकाबला: आखिरी गेंद तक सांसें थाम देने वाला संघर्ष
चाईबासा में खेले गए फाइनल मुकाबले में देवघर और रांची के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। देवघर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी से खेलते हुए हर रन के लिए संघर्ष किया।
जवाब में रांची की टीम ने भी शानदार बल्लेबाजी की और मैच को आखिरी ओवर तक खींच ले गई। अंतिम ओवर में जीत के लिए जरूरी रन बनाना आसान नहीं था, लेकिन रांची ने जोरदार प्रयास किया।
हालांकि, देवघर की गेंदबाजों ने दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए संयम नहीं खोया और रांची को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया। अंततः देवघर ने 3 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
सरिता सोरेन: टूर्नामेंट की सबसे चमकदार स्टार
देवघर की जीत में सबसे बड़ा योगदान सरिता सोरेन का रहा, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 6 मैचों में 342 रन बनाए।
उनकी बल्लेबाजी का अंदाज न केवल प्रभावी रहा, बल्कि निर्णायक भी साबित हुआ। उन्होंने दो शानदार शतक जड़े और पूरे टूर्नामेंट में शतक लगाने वाली एकमात्र खिलाड़ी बनीं।
इसी शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें टूर्नामेंट की ‘सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज’ का पुरस्कार दिया गया। सरिता की यह उपलब्धि आने वाले समय में झारखंड महिला क्रिकेट के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है।
गेंदबाजी में जयमाला और अंजलि की धार
जहां बल्लेबाजी में सरिता ने कमाल किया, वहीं गेंदबाजी में जयमाला कुमारी और अंजलि हेंब्रम ने टीम की रीढ़ साबित होते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
दोनों गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में 9-9 विकेट लेकर विपक्षी टीमों को लगातार दबाव में रखा। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और रणनीतिक गेंदबाजी ने कई मौकों पर मैच का रुख पलट दिया।
फाइनल मुकाबले में भी इन गेंदबाजों की भूमिका अहम रही, जहां उन्होंने निर्णायक क्षणों में विकेट लेकर टीम को जीत की ओर अग्रसर किया।
देवघर जिला क्रिकेट संघ में खुशी की लहर
इस ऐतिहासिक जीत के बाद देवघर जिला क्रिकेट संघ में खुशी की लहर दौड़ गई है। संघ के पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इसे जिले के खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।
संघ के सदस्यों ने कहा कि यह जीत न केवल खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि जिले में खेलों के बढ़ते स्तर और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था का भी प्रमाण है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सफलता से प्रेरित होकर आने वाले समय में और भी युवा खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में आगे आएंगे।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी यह जीत
देवघर की बेटियों की यह जीत केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत संदेश भी देती है। ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाली इन खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि अगर अवसर और मेहनत साथ हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
यह जीत समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को और मजबूत करेगी और उन्हें खेल सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
जसीडीह स्टेशन पर होगा भव्य स्वागत
चैंपियन टीम का आगमन बुधवार को दोपहर 2:00 बजे जसीडीह स्टेशन पर होगा। इस अवसर को खास बनाने के लिए देवघर जिला क्रिकेट संघ द्वारा भव्य स्वागत समारोह की तैयारी की गई है।
गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और उत्साह के माहौल में खिलाड़ियों का अभिनंदन किया जाएगा। खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भी इस स्वागत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
देवघर की बेटियों की यह ऐतिहासिक जीत आने वाले समय में जिले के खेल परिदृश्य को नई दिशा देगी। यह सफलता न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे राज्य में महिला क्रिकेट को भी नई पहचान दिलाएगी।
इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही अवसर और मेहनत से छोटे शहरों की बेटियां भी इतिहास रच सकती हैं।
Q1. देवघर महिला टीम ने किस टीम को हराकर खिताब जीता?
A. देवघर ने फाइनल में रांची को 3 रनों से हराकर झारखंड अंडर-23 चैंपियनशिप जीती।
Q2. टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कौन बनीं?
A. सरिता सोरेन को 342 रन बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज घोषित किया गया।
Q3. फाइनल मुकाबला कहां खेला गया था?
A. फाइनल मुकाबला चाईबासा में आयोजित किया गया था।
Q4. देवघर टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में कैसा रहा?
A. टीम पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रही और सभी मैच जीतकर खिताब अपने नाम किया।
Q5. टीम का स्वागत कब और कहां होगा?
A. बुधवार को दोपहर 2:00 बजे जसीडीह स्टेशन पर भव्य स्वागत किया जाएगा।








