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देवघर में माता शीतला की वार्षिक पूजा की शुरुआत नौ दिवसीय चंडी पाठ के साथ हुई। नगर कल्याण और शांति की कामना के साथ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
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माता शीतला की वार्षिक पूजा शुरू, नौ दिवसीय चंडी पाठ से गूंजा माहौल
नगर कल्याण और शांति की कामना के साथ उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, प्रतिदिन भजन-कीर्तन व महाआरती का आयोजन
संवाददाता | देवघर | 30 मार्च 2026

देवघर नगर में माता शीतला की वार्षिक पूजा का शुभारंभ सोमवार को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। सुबह 9 बजे माता शीतला मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर नौ दिवसीय चंडी पाठ का भी आरंभ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नगर के कल्याण, शांति और समृद्धि की कामना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटे और माता के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।
विधि-विधान से शुरू हुआ चंडी पाठ
पूजा के प्रथम दिन महाराज नंदलाल पंडित ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक पूजा संपन्न कराई। इस दौरान मनोज केशरी और उनकी धर्मपत्नी को संकल्प दिलाकर नौ दिवसीय चंडी पाठ का शुभारंभ कराया गया। पंडितों के मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए।
चंडी पाठ अब लगातार नौ दिनों तक अनवरत चलता रहेगा, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालु शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार, यह पाठ नगर की सुख-शांति और समृद्धि के लिए विशेष महत्व रखता है।
सुबह से उमड़ी भक्तों की भीड़
पूजा शुरू होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी वर्गों के लोग माता शीतला के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने माता के चरणों में फूल, प्रसाद और नारियल अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्ति गीतों की ध्वनि गूंजती रही, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि हर वर्ष इस पूजा का बेसब्री से इंतजार रहता है और इसमें शामिल होकर उन्हें मानसिक शांति मिलती है।
प्रतिदिन होगा भजन-कीर्तन और महाआरती
इस नौ दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन संध्या समय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नगर की महिलाएं भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर माता की आराधना करेंगी। इसके साथ ही प्रतिदिन महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
भजन-कीर्तन और आरती के माध्यम से पूरे नगर में धार्मिक माहौल बना रहेगा। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं।

समिति की सक्रिय भागीदारी से आयोजन भव्य
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की अहम भूमिका रही है। पूरे आयोजन की तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली गई थीं, जिसके चलते पहले दिन से ही व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
मौके पर सचिव अनिल कुमार केशरी, अमरनाथ दास, अनिल गुप्ता, सौरव केशरी, गोपाल वर्मा, संतोष केशरी सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा।
अधिक से अधिक सहभागिता की अपील
समिति के प्रवक्ता नरेश कुमार केशरी ने बताया कि यह आयोजन नौ दिनों तक चलेगा और इसमें नगरवासियों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का प्रतीक भी है।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस महापर्व में शामिल होकर माता शीतला का आशीर्वाद प्राप्त करें और आयोजन को सफल बनाएं।
धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संगम
माता शीतला की यह वार्षिक पूजा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक बन चुकी है। इस आयोजन के माध्यम से लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं और समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे पूरा नगर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा रहेगा।
निष्कर्ष
देवघर में शुरू हुई माता शीतला की वार्षिक पूजा ने एक बार फिर धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया है। नौ दिवसीय चंडी पाठ और प्रतिदिन होने वाले भजन-कीर्तन एवं महाआरती के माध्यम से यह आयोजन नगर के लोगों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बना हुआ है।
Q1. माता शीतला की वार्षिक पूजा कब शुरू हुई?
उत्तर: यह पूजा 30 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे विधिवत शुरू हुई।
Q2. चंडी पाठ कितने दिनों तक चलेगा?
उत्तर: चंडी पाठ लगातार नौ दिनों तक अनवरत चलेगा।
Q3. पूजा के दौरान कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
उत्तर: प्रतिदिन भजन-कीर्तन, महाआरती और विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
Q4. आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: नगर की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
Q5. क्या आम लोग इस आयोजन में शामिल हो सकते हैं?
उत्तर: हां, सभी श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेकर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।








