आसनसोल मंडल ने दिखाई आपदा प्रबंधन की मजबूती, व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित

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आसनसोल मंडल ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की। रेल दुर्घटना का सजीव परिदृश्य बनाकर बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया।

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आसनसोल मंडल ने दिखाई आपदा प्रबंधन की मजबूती, व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित

रेल दुर्घटना का सजीव परिदृश्य बनाकर बचाव और राहत क्षमता का किया गया वास्तविक परीक्षण

देवघर | संवाददाता | 28 मार्च 2026

आसनसोल यार्ड में आयोजित रेलवे आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का दृश्य

दुर्घटना के सजीव परिदृश्य में राहत और बचाव कार्य करते एनडीआरएफ और रेलवे की टीमें

रेलवे में आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा शनिवार को व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आसनसोल यार्ड के सैटेलाइट साइडिंग में संपन्न हुआ, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की द्वितीय बटालियन ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस मॉक ड्रिल का नेतृत्व मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य के निर्देशन में किया गया। इसमें रेलवे के विभिन्न विभागों, अग्निशमन दल, चिकित्सा टीमों तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से हिस्सा लिया।

रेल दुर्घटना का सजीव परिदृश्य, वास्तविक जैसी स्थिति बनाई गई

अभ्यास के दौरान ट्रेन संख्या 03631 (जसीडीह-आसनसोल ग्रीष्मकालीन विशेष) के पटरी से उतरने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस दौरान दो डिब्बों को दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में रखा गया, जिसमें एक को पलटा हुआ दिखाया गया जबकि दूसरा उसके ऊपर चढ़ा हुआ था।

इस सजीव दृश्य ने दुर्घटना की भयावहता को वास्तविक रूप में प्रस्तुत किया, जिससे बचाव दलों को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ।

जैसे ही दुर्घटना की सूचना मंडल नियंत्रण कक्ष को मिली, तत्काल एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को सूचित किया गया।इसके बाद सभी टीमें घटनास्थल पर तेजी से पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

राहत और बचाव कार्य का प्रभावी प्रदर्शन

मॉक ड्रिल के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए दुर्घटनास्थल के साथ-साथ प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ केंद्र और सहायता डेस्क स्थापित किए गए।
राहत कार्यों में दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन, दुर्घटना राहत ट्रेन और रेलवे क्रेन का उपयोग किया गया। एनडीआरएफ और रेलवे की टीमों ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया।

पूरे अभियान को समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया, जिससे रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आपदा के समय समन्वय की दक्षता स्पष्ट रूप से सामने आई।

आपातकालीन तैयारियों और SOP का किया गया मूल्यांकन

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे और अन्य एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करना था। साथ ही मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के पालन की समीक्षा भी की गई।
अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संचार प्रणाली की दक्षता और संसाधनों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। सुरक्षा शाखा के समग्र समन्वय में सभी विभागों ने निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही कड़ी निगरानी

पूरे मॉक ड्रिल की बारीकी से निगरानी मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य द्वारा की गई। उन्होंने विभिन्न टीमों की कार्यप्रणाली, प्रतिक्रिया समय और समन्वय का निरीक्षण किया तथा आवश्यक सुधार के सुझाव भी दिए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से यह सुनिश्चित हुआ कि अभ्यास केवल औपचारिकता न रहकर एक वास्तविक मूल्यांकन प्रक्रिया बने।

आपदा के समय तत्परता का मजबूत संदेश

इस मॉक ड्रिल के माध्यम से आसनसोल मंडल ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी आपदा की स्थिति में रेलवे त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह अभ्यास न केवल आपदा प्रबंधन क्षमता को परखने में सफल रहा, बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के नियमित अभ्यास से भविष्य में किसी भी वास्तविक दुर्घटना के दौरान जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

आसनसोल मंडल द्वारा आयोजित यह व्यापक मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त पहल के रूप में सामने आया है। सजीव परिदृश्य, त्वरित प्रतिक्रिया और बहु-एजेंसी समन्वय ने यह साबित कर दिया कि रेलवे आपात स्थितियों से निपटने के लिए लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है।

Q1. यह मॉक ड्रिल कहां आयोजित की गई?

A. आसनसोल यार्ड के सैटेलाइट साइडिंग में इस अभ्यास का आयोजन किया गया।

Q2. मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था?

A. आपातकालीन तैयारियों का आकलन करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना।

Q3. किन एजेंसियों ने भाग लिया?

A. रेलवे के विभिन्न विभागों के साथ एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और चिकित्सा टीमों ने भाग लिया।

Q4. अभ्यास में किस प्रकार का परिदृश्य बनाया गया था?

A. ट्रेन के पटरी से उतरने और डिब्बों के पलटने का सजीव दृश्य तैयार किया गया था।

Q5. इस तरह के अभ्यास का क्या लाभ है?

A. इससे आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलती है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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