उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

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देवघर के उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर में सत्र 2025-26 का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा-सेवा-संस्कार पर जोर।

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उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

शिक्षा, सेवा और संस्कार के संगम पर आधारित प्रणाली से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

देवघर के उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर में पुरस्कार लेते छात्र

वार्षिक परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह

देवघर के कुंडा स्थित उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम भव्य एवं गरिमामय समारोह में घोषित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत वंदना सभा से हुई, जिसमें विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव संजीत कुमार, उपाध्यक्ष लक्ष्मण भाई पटेल, कोषाध्यक्ष डॉ राजीव रंजन, समाजसेवी महेश प्रसाद राय तथा प्रधानाचार्य मुकुल कुमार ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती, ‘ॐ’ और भारत माता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

मेधावी छात्रों का सम्मान, पूरे विद्यालय में उत्साह

समारोह के दौरान कक्षा अरुण से लेकर कक्षा नवम तक के विद्यार्थियों का परीक्षाफल जारी किया गया। प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे विद्यालय को गौरवान्वित किया। इस अवसर पर छात्रों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

इन छात्रों ने किया श्रेष्ठ प्रदर्शन

वार्षिक परीक्षा परिणाम में कई विद्यार्थियों ने शानदार अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रमुख टॉपर्स इस प्रकार रहे—

कक्षा अरुण: उज्जयती पटेल – 97.33%
कक्षा उदय: कृषु कुमार – 96.67%
कक्षा प्रभात: प्रियांशी कुमारी – 98.33%
कक्षा प्रथम: सौम्या पटेल – 94.29%
कक्षा द्वितीय: अनन्या कुमारी – 96.13%
कक्षा तृतीय: अवनी कुमारी – 91.89%
कक्षा चतुर्थ: आराध्या पांडे – 91.11%
कक्षा पंचम: श्रेयसी सिंह – 90.78%
कक्षा षष्ठ: साक्षी कुमारी – 93%
कक्षा अष्टम: प्रिंस कुमार और दिव्यांशु कुमार – 92.56% (संयुक्त रूप से प्रथम)
कक्षा नवम: अभिजीत वर्मा – 97.6%

इन विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया कि अनुशासन, परिश्रम और सही मार्गदर्शन से सफलता निश्चित है।

शिक्षा के साथ संस्कार पर भी विशेष ध्यान

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कोषाध्यक्ष डॉ राजीव रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती द्वारा संचालित शिक्षा प्रणाली केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के समग्र विकास का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में शिक्षा के साथ सेवा और संस्कार का भी समावेश किया जाता है, जिससे छात्र जीवन में नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को ऐसे ही संस्कारयुक्त वातावरण में शिक्षा दिलाएं, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो सके।

सफलता का मूल मंत्र: अनुशासन और परिश्रम

डॉ राजीव रंजन ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है।
उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनके प्रेरक शब्दों ने उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों में नई ऊर्जा का संचार किया।

जिम्मेदार नागरिक बनाने पर विद्यालय का फोकस

विद्यालय के प्रधानाचार्य मुकुल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं है, बल्कि छात्रों को एक जिम्मेदार, जागरूक और संस्कारित नागरिक बनाना है।
उन्होंने विद्या भारती की शिक्षा पद्धति की विशेषताओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि यहां विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है।

सजे-धजे कक्षाओं में वितरित हुआ परीक्षाफल

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के आचार्यों और दीदियों ने अपनी-अपनी कक्षाओं को आकर्षक ढंग से सजाया। अन्य विद्यार्थियों को उनके कक्षाओं में जाकर परीक्षाफल वितरित किया गया।

इस पूरी प्रक्रिया ने बच्चों के लिए परिणाम दिवस को यादगार बना दिया।

मंच संचालन आचार्य देवकरण चौधरी ने किया, जबकि संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन परीक्षा प्रमुख आचार्य गौरव कापरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

Conclusion

उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर का यह परिणाम समारोह न केवल छात्रों की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार और सेवा के समन्वय का जीवंत उदाहरण भी बना। विद्यालय ने एक बार फिर यह साबित किया कि सही दिशा और समर्पण से विद्यार्थी हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं।

Q1. उमा नलिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर का परिणाम कब घोषित हुआ?

A. 28 मार्च 2026 को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

Q2. इस वर्ष का टॉपर कौन रहा?

A. कक्षा प्रभात की प्रियांशी कुमारी ने 98.33% अंक प्राप्त कर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

Q3. क्या सभी कक्षाओं के छात्रों को सम्मानित किया गया?

A. हाँ, प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

Q4. विद्यालय की शिक्षा पद्धति की खासियत क्या है?

A. यहां शिक्षा के साथ सेवा और संस्कार पर विशेष जोर दिया जाता है, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है।

Q5. कार्यक्रम का संचालन किसने किया?

A. मंच संचालन आचार्य देवकरण चौधरी ने किया और कार्यक्रम परीक्षा प्रमुख गौरव कापरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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