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देवघर हवाई अड्डे के आसपास सख्त निगरानी, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और स्वच्छता पर जोर। एयर क्षेत्र पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में सुरक्षा, निर्माण नियम और कचरा प्रबंधन को लेकर अहम निर्देश जारी।
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देवघर हवाई अड्डे के आसपास सख्त निगरानी, NOC और स्वच्छता पर बड़ा फैसला
एयर क्षेत्र पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में सुरक्षा, निर्माण और पर्यावरण संरक्षण पर जारी हुए सख्त निर्देश
मुख्य संवाददाता | देवघर | 24 मार्च 2026

देवघर हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मंगलवार को आयोजित एयर क्षेत्र पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC) की महत्वपूर्ण बैठक में विमानन सुरक्षा, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और स्वच्छता से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
उपायुक्त की अनुपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता अपर उपायुक्त ने की, जबकि इसमें हवाई अड्डा निदेशक सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में साफ कहा गया कि हवाई अड्डे के आसपास का वातावरण सीधे तौर पर विमान संचालन की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विमान सुरक्षा से जुड़ा है आसपास का वातावरण
बैठक के दौरान हवाई अड्डा निदेशक ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र केवल विकास का नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी संवेदनशील क्षेत्र है। यदि यहां अनियंत्रित निर्माण, कचरा या प्रदूषण बढ़ता है, तो यह सीधे विमान संचालन को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और नियंत्रित वातावरण न केवल विमानन सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
बैठक में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को लेकर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि कई लोग नियमों की जानकारी के अभाव में बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू कर देते हैं, जो बाद में बड़ी समस्या बन जाता है।
अपर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आम लोगों के बीच NOC के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। इसके तहत होर्डिंग, बैनर, जनसंपर्क अभियान और डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।
हवाई अड्डा निदेशक ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कोई भी व्यक्ति प्रस्तावित निर्माण की अनुमति, ऊंचाई सीमा और अन्य आवश्यक नियमों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है।
रंग आधारित क्षेत्र मानचित्र से तय होंगे निर्माण नियम
बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट के आसपास क्षेत्रों को रंग आधारित मानचित्र के जरिए चिन्हित किया गया है, जिससे निर्माण नियमों को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
लाल क्षेत्र: यहां बिना NOC के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अन्य क्षेत्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार ही निर्माण की अनुमति होगी।
अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके निर्माण को भविष्य में ध्वस्त भी किया जा सकता है।
बूचड़खानों और कचरा फैलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
हवाई अड्डे के आसपास किसी भी प्रकार के बूचड़खाने के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा कूड़ा-कचरा फैलाने या खुले में जमा करने पर भी सख्ती बरतने को कहा गया है।
विशेषज्ञों ने बताया कि कचरा और मांस के अवशेष पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जिससे “बर्ड हिट” यानी पक्षी टकराव का खतरा बढ़ जाता है। यह विमानन क्षेत्र में एक गंभीर खतरा माना जाता है और कई बार बड़े हादसों का कारण बन सकता है।
अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश
अपर उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के आसपास अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त की जाए।
कचरे का नियमित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान
खुले में कूड़ा फेंकने पर रोक
सफाई व्यवस्था को मजबूत करना
इन उपायों से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि विमान संचालन भी अधिक सुरक्षित और सुचारु रहेगा।
सभी विभागों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एयरपोर्ट सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सभी विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी विभाग मिलकर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यदि समन्वय मजबूत रहेगा, तो दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और क्षेत्र का समग्र विकास भी तेजी से होगा।
सुरक्षा और पर्यावरण—दोनों एक-दूसरे के पूरक
बैठक में यह अहम बात सामने आई कि हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।
स्वच्छता से पक्षी खतरा कम होता है
नियंत्रित निर्माण से विमान मार्ग सुरक्षित रहता है
नियमों के पालन से दुर्घटनाओं की संभावना घटती है
इसलिए दोनों पहलुओं पर समान ध्यान देना बेहद जरूरी है।
जनसहभागिता के बिना संभव नहीं नियमों का पालन
अधिकारियों ने अंत में आम लोगों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही यह संभव नहीं है। जब तक आम जनता जागरूक होकर नियमों का पालन नहीं करेगी, तब तक पूरी तरह सुरक्षित वातावरण बनाना मुश्किल होगा।
निष्कर्ष
देवघर हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा, स्वच्छता और निर्माण नियमों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। NOC को अनिवार्य बनाना, कचरा प्रबंधन को सुधारना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना—ये सभी कदम भविष्य में सुरक्षित विमानन और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
Q1. NOC क्यों जरूरी है?
A. NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी निर्माण विमानन सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो और उससे उड़ान संचालन प्रभावित न हो।
Q2. बिना NOC के निर्माण करने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
A. बिना अनुमति निर्माण करने पर प्रशासन द्वारा उसे ध्वस्त किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
Q3. एयरपोर्ट के आसपास कचरा फैलाने से क्या खतरा है?
A. कचरा पक्षियों को आकर्षित करता है, जिससे बर्ड हिट का खतरा बढ़ता है, जो विमान दुर्घटना का कारण बन सकता है।
Q4. NOC के लिए जानकारी कहां से मिलेगी?
A. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर निर्माण से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध है।
Q5. क्या आम नागरिक भी इसमें सहयोग कर सकते हैं?
A. हाँ, नियमों का पालन कर, कचरा न फैलाकर और जागरूक रहकर हर नागरिक हवाई अड्डे की सुरक्षा में योगदान दे सकता है।








