सिमुलतला में श्रद्धा का सागर: शिवशक्ति महायज्ञ संपन्न, लाखों भक्तों की उमड़ी भीड़

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जमुई के सिमुलतला में शिवशक्ति महायज्ञ संपन्न, लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद गिरधारी यादव समेत कई गणमान्य लोगों ने लिया हिस्सा।

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सिमुलतला में श्रद्धा का सागर: शिवशक्ति महायज्ञ संपन्न, लाखों भक्तों की उमड़ी भीड़

मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद गिरधारी यादव समेत कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी में पूर्णाहुति, कैलाशानंद गिरी ने दिया आशीर्वचन

संवाददाता | जमुई | 17 मार्च 2026

भक्ति और आस्था से सराबोर रहा सिमुलतला
जमुई जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिमुलतला में आयोजित शिवशक्ति महायज्ञ मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हो गया। करीब दस दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

अंतिम दिन “हर-हर महादेव” और “जय माता दी” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

पूर्णाहुति में शामिल रहे ये प्रमुख लोग

महायज्ञ के समापन अवसर पर कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से—
जिला जज (जमुई)
सीजेएम (जमुई)
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह
सांसद गिरधारी यादव (बांका)
पूर्व सांसद पुतुल सिंह
डीएसपी (झाझा)
महेश प्रसाद राय (संरक्षक, यज्ञ समिति)
सुनील पांडेय (अध्यक्ष, यज्ञ समिति)
चंदन पांडेय (सचिव)
सतीश राय (कोषाध्यक्ष)
सर्वेश पांडेय
सुनील झा (पत्रकार)

इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी और आम श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कैलाशानंद गिरी ने बताया यज्ञ का महत्व

महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि यज्ञ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और लोगों को धर्म के मार्ग पर प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को शुद्ध और पवित्र बनाने का माध्यम है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और समाज में भाईचारा मजबूत होता है।

कलश यात्रा से हुई शुरुआत, भजन-संध्या ने बांधा समा

महायज्ञ की शुरुआत 8 मार्च को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
पूरे आयोजन के दौरान—
हवन-पूजन
कथा-प्रवचन
भजन संध्या
सांस्कृतिक कार्यक्रम
का आयोजन हुआ। देशभर से आए कलाकारों ने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्राकृतिक वातावरण में मिला आध्यात्मिक अनुभव

सिमुलतला के जंगलों और शांत वातावरण के बीच आयोजित इस महायज्ञ ने श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। देर रात तक भक्ति संगीत की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आगे देवघर में होगा शिव महापुराण कथा
महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने बताया कि वे झाझा के दुर्गा मंदिर में पूजा के बाद देवघर स्थित बाबा मंदिर में नगर गवाली पूजा में भाग लेंगे और कन्या पूजन करेंगे।

संरक्षक महेश प्रसाद राय ने बताया कि अक्टूबर या नवंबर 2026 में देवघर में शिव महापुराण कथा आयोजन का प्रस्ताव रखा गया है, जिस पर सहमति मिल गई है।

सुरक्षा और व्यवस्था रही चाक-चौबंद

महायज्ञ के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ ही चिकित्सा और पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।

निष्कर्ष
सिमुलतला का यह शिवशक्ति महायज्ञ धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत सफल रहा। लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया और भविष्य में ऐसे आयोजनों की उम्मीद को और मजबूत किया।

प्रश्न 1. सिमुलतला शिवशक्ति महायज्ञ कब आयोजित हुआ?

उत्तर: यह महायज्ञ 8 मार्च से 17 मार्च 2026 तक आयोजित हुआ।

प्रश्न 2. किन-किन प्रमुख लोगों ने इसमें भाग लिया?

उत्तर: मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद गिरधारी यादव, पूर्व सांसद पुतुल सिंह समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

प्रश्न 3. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर: धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना।

प्रश्न 4. आगे कौन-सा आयोजन प्रस्तावित है?

उत्तर: देवघर में अक्टूबर या नवंबर 2026 में शिव महापुराण कथा आयोजित होगी।

प्रश्न 5. इस महायज्ञ में कितने लोग शामिल हुए?

उत्तर: इसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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