देवघर स्वास्थ्य विभाग में वेतन भुगतान को लेकर बढ़ा विवाद, फार्मासिस्ट ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

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देवघर सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट संजीव कुमार ने वेतन और 4200 ग्रेड पे सहित देय लाभों के भुगतान में कथित देरी पर आंदोलन की चेतावनी दी है। एक सप्ताह में भुगतान नहीं होने पर प्रतिदिन धरना देने का निर्णय लिया गया है।

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देवघर स्वास्थ्य विभाग में वेतन भुगतान को लेकर बढ़ा विवाद, फार्मासिस्ट ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

4200 ग्रेड पे सहित देय लाभों के भुगतान में देरी का आरोप, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर प्रतिदिन धरने का ऐलान

देवघर ब्यूरो | देवघर | 28 जून 2026

देवघर सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट संजीव कुमार ने वेतन और 4200 ग्रेड पे भुगतान की मांग को लेकर आवेदन दिया।

वेतन एवं 4200 ग्रेड पे के भुगतान में कथित देरी के विरोध में सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट ने आंदोलन की चेतावनी दी।

देवघर स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के वेतन और अन्य देय लाभों के भुगतान में कथित विलंब को लेकर नया विवाद सामने आया है। सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट संजीव कुमार ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भुगतान में अनावश्यक टाल-मटोल करने का आरोप लगाते हुए लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनका लंबित भुगतान नहीं किया गया तो वह प्रत्येक कार्य दिवस में अपराह्न तीन बजे के बाद सदर अस्पताल के उपाधीक्षक कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।

इस संबंध में उन्होंने अपना आवेदन उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित थाना प्रभारी को भी प्रेषित किया है ताकि पूरे मामले की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सके।

भुगतान में जानबूझकर देरी का लगाया आरोप

संजीव कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के वेतन और अन्य वैधानिक देयों के भुगतान को लेकर अत्यधिक टाल-मटोल का रवैया अपनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि आबंटन उपलब्ध रहने के बावजूद भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि सेवा संहिता के अनुसार, राशि उपलब्ध होने के बाद भी कर्मचारियों के वैध भुगतान में जानबूझकर देरी करना दंडनीय कृत्य की श्रेणी में आता है। उनका कहना है कि संबंधित पदाधिकारी और लेखा शाखा द्वारा समय पर भुगतान नहीं किए जाने से कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

4200 ग्रेड पे को लेकर भी उठाया सवाल

आवेदन में संजीव कुमार ने राज्य सरकार के उस आदेश का भी उल्लेख किया है, जिसके तहत स्वास्थ्य सचिव द्वारा राज्य के सभी फार्मासिस्टों को नियुक्ति की तिथि से दो वर्ष पूर्ण होने के बाद 4200 ग्रेड पे के अनुसार वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड के अधिकांश जिलों में इस आदेश के अनुरूप फार्मासिस्टों को 4200 ग्रेड पे का लाभ दिया जा चुका है। वहीं देवघर जिले में भी सिविल सर्जन स्तर से आदेश जारी होने के बावजूद तथा आवश्यक आबंटन उपलब्ध रहने के बाद भी भुगतान लंबित रखा गया है। इसी कारण उन्होंने शीघ्र भुगतान की मांग की है।

व्यक्तिगत परिस्थितियों का भी किया उल्लेख

संजीव कुमार ने आवेदन में अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी माता हृदयाघात से पीड़ित हैं, जबकि वह स्वयं भी ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में उन्हें इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यदि विभाग के पास भुगतान के लिए राशि उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें उनका वैधानिक भुगतान नहीं किया जाता और आर्थिक अभाव के कारण उनके अथवा उनकी माता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।

एक सप्ताह बाद शुरू होगा चरणबद्ध आंदोलन

संजीव कुमार ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि अपने वैध अधिकारों की मांग करना है। उन्होंने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो वह प्रत्येक कार्य दिवस में अपराह्न तीन बजे के बाद उपाधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना देंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

कर्मचारी संघ ने दिया समर्थन

झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने संजीव कुमार के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों के वैधानिक भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जाता है तो संघ उनके साथ खड़ा रहेगा।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन और अन्य वित्तीय लाभ मिलना उनका अधिकार है तथा विभाग को इस दिशा में शीघ्र आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी भुगतान प्रक्रिया को लेकर क्या निर्णय लेते हैं और निर्धारित एक सप्ताह के भीतर कर्मचारियों की मांगों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

यदि समय रहते इस मामले का समाधान नहीं हुआ तो सदर अस्पताल में प्रस्तावित धरना स्वास्थ्य विभाग के लिए एक नई प्रशासनिक चुनौती बन सकता है।

निष्कर्ष

देवघर स्वास्थ्य विभाग में वेतन और 4200 ग्रेड पे के भुगतान को लेकर उठे इस विवाद ने कर्मचारियों की लंबित वित्तीय समस्याओं को फिर से चर्चा में ला दिया है। एक ओर कर्मचारी समय पर अपने वैधानिक भुगतान की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में विभाग द्वारा उठाए जाने वाले कदम इस पूरे मामले की दिशा तय करें।

 

Q1. संजीव कुमार ने किस मुद्दे पर आवेदन दिया है?
A. उन्होंने वेतन, 4200 ग्रेड पे और अन्य देय लाभों के लंबित भुगतान की मांग को लेकर आवेदन दिया है।

Q2. उन्होंने आंदोलन की क्या घोषणा की है?

A. एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं होने पर प्रत्येक कार्य दिवस में अपराह्न तीन बजे के बाद उपाधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना देने की घोषणा की है।

Q3. आवेदन किन अधिकारियों को सौंपा गया है?

A. उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी को आवेदन भेजा गया है।

Q4. कर्मचारी संघ का क्या कहना है?

A. झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने आंदोलन को संगठन का पूर्ण समर्थन देने की बात कही है।

Q5. क्या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है?

A. समाचार लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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