मोहर्रम पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनीं उप महापौर टिप चटर्जी, विभिन्न अखाड़ों में पहुंचकर दिया भाईचारे का संदेश

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देवघर नगर निगम की उप महापौर टिप चटर्जी ने मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों का दौरा कर मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आपसी भाईचारा, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।

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मोहर्रम पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनीं उप महापौर टिप चटर्जी, विभिन्न अखाड़ों में पहुंचकर दिया भाईचारे का संदेश

मुस्लिम समुदाय से मिलकर दी मोहर्रम की शुभकामनाएं, असगर भाई और शाहिदा के आवास पहुंचकर परिवार की खुशहाली की कामना की

Sunil Jha | देवघर | 26 जून 2026

मोहर्रम के अवसर पर देवघर में विभिन्न अखाड़ों के बीच पहुंचकर लोगों से मुलाकात करतीं उप महापौर टिप चटर्जी।

मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों और मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात करतीं उप महापौर टिप चटर्जी

मोहर्रम के मौके पर दिया सामाजिक सौहार्द का संदेश

देवघर नगर निगम की उप महापौर टिप चटर्जी ने मोहर्रम के पावन अवसर पर शहर के विभिन्न अखाड़ों का दौरा कर मुस्लिम समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अखाड़ा समितियों के पदाधिकारियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर पर्व की बधाई दी तथा आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाने का संदेश दिया।

मोहर्रम के अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और जुलूसों के दौरान उप महापौर की उपस्थिति ने सांप्रदायिक सौहार्द की एक सकारात्मक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता और पारस्परिक सम्मान की भावना होती है।

असगर भाई और शाहिदा के घर पहुंचकर दी शुभकामनाएं

उप महापौर टिप चटर्जी ने मोहर्रम के अवसर पर असगर भाई एवं शाहिदा के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने पूरे परिवार को मोहर्रम की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पवित्र अवसर सभी परिवारों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्व केवल परंपराओं का निर्वहन नहीं होते, बल्कि समाज में एक-दूसरे के प्रति विश्वास और सम्मान को भी मजबूत करते हैं। ऐसे अवसर लोगों को करीब लाने और सामाजिक रिश्तों को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।

हजरत मोहम्मद की शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए प्रेरणा

टिप चटर्जी ने कहा कि हजरत मोहम्मद की शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, समानता, करुणा और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सभी धर्म मानवता, शांति और सेवा का संदेश देते हैं। हमें धार्मिक विविधता का सम्मान करते हुए सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए। यही भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक पहचान भी है।

देवघर की गंगा-जमुनी तहजीब को बताया प्रेरणादायी

उप महापौर ने कहा कि देवघर वर्षों से गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। यहां सभी समुदाय एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और एक-दूसरे की खुशियों में सहभागी बनते हैं।

उन्होंने कहा कि इसी परंपरा ने देवघर को सामाजिक समरसता का उदाहरण बनाया है। सभी नागरिकों को इसी भावना के साथ समाज में प्रेम, सहयोग और भाईचारे को आगे बढ़ाना चाहिए।

अखाड़ा समितियों से भी की मुलाकात

मोहर्रम के दौरान उप महापौर ने विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने जुलूसों की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि अनुशासन, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आयोजित होने वाले ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं तथा नई पीढ़ी को भी सामाजिक एकता का महत्व समझाते हैं।

भोला सिंह ने भी दिया सामाजिक एकता का संदेश

इस अवसर पर उप महापौर के पति एवं समाजसेवी भोला सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने मोहर्रम की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे में निहित है।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान उसकी विविधता और एकता में है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग यदि एक-दूसरे के पर्वों में सहभागी बनें तो समाज और अधिक मजबूत होगा।

लोगों ने किया गर्मजोशी से स्वागत

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न अखाड़ा समितियों एवं स्थानीय लोगों ने उप महापौर टिप चटर्जी का स्वागत किया। लोगों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की इस तरह की सहभागिता समाज में सकारात्मक संदेश देती है और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास तथा सौहार्द को मजबूत करती है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे अवसर सामाजिक दूरी को कम करने और भाईचारे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

धार्मिक पर्वों से मजबूत होती है सामाजिक एकता

मोहर्रम जैसे धार्मिक अवसर केवल आस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में सहिष्णुता, सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ करते हैं। विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सहभागिता लोकतांत्रिक एवं सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाती है। उप महापौर का यह दौरा इसी संदेश को आगे बढ़ाने का एक प्रयास माना जा रहा है।

निष्कर्ष

देवघर में मोहर्रम के अवसर पर उप महापौर टिप चटर्जी का विभिन्न अखाड़ों और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच पहुंचना सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आया। उनके संदेश में शांति, भाईचारा, समानता और मानवता की भावना प्रमुख रही। धार्मिक आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता समाज में विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

Q1. उप महापौर टिप चटर्जी ने मोहर्रम पर क्या किया?

उत्तर: उन्होंने शहर के विभिन्न अखाड़ों का दौरा कर मुस्लिम समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं और भाईचारे का संदेश दिया।

Q2. उन्होंने किन लोगों से मुलाकात की?

उत्तर: उन्होंने असगर भाई एवं शाहिदा के आवास पर जाकर परिवार से मुलाकात की और मोहर्रम की शुभकामनाएं दीं।

Q3. उनके संदेश का मुख्य विषय क्या था?

उत्तर: उन्होंने शांति, भाईचारा, सामाजिक समरसता, धार्मिक सौहार्द और मानवता को मजबूत बनाने की अपील की।

Q4. कार्यक्रम में कौन मौजूद थे?

उत्तर: उप महापौर के साथ उनके पति एवं समाजसेवी भोला सिंह, विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

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Author: Baba Wani

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