झारखंड राज्यसभा चुनाव में बैजनाथ राम और परिमल नाथवानी की जीत, कांग्रेस की हार के बाद सियासी हलचल तेज

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

https://jharkhand-rajya-sabha-election-result-parimal-nathwani-baijnath-ram-win

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में झामुमो के बैजनाथ राम और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।

Jharkhand Rajya Sabha Election 2026, Parimal Nathwani, Baijnath Ram, Pranav Jha, Jharkhand Politics, BJP, JMM, Congress, NDA, Nishikant Dubey, Rajya Sabha Result Jharkhand

झारखंड राज्यसभा चुनाव में बैजनाथ राम और परिमल नाथवानी की जीत, कांग्रेस की हार के बाद सियासी हलचल तेज

NDA समर्थित परिमल नाथवानी को 28 मत, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मिले 20 वोट; परिणाम के बाद नए राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा शुरू

News Desk | रांची/देवघर | 18 जून 2026

झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने नई चर्चाओं और अटकलों को जन्म दे दिया है। झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैजनाथ राम तथा भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है और राज्य की सत्ता तथा विपक्ष दोनों अपने-अपने तरीके से नतीजों की व्याख्या कर रहे हैं।

चुनाव परिणाम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे अपनी बड़ी राजनीतिक सफलता बताया है, जबकि कांग्रेस की हार को लेकर महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

परिमल नाथवानी की जीत पर भाजपा में उत्साह

राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का भाजपा प्रदेश कार्यालय में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री सह प्रतिपक्ष के नेता बाबुलाल मरांडी,  प्रदेश संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें जीत की बधाई दी।

भाजपा नेताओं ने इस जीत को झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटीं और जीत का जश्न मनाया। भाजपा का दावा है कि यह परिणाम राज्य की राजनीति में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

बैजनाथ राम की जीत पर झामुमो में जश्न

दूसरी ओर झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। विभिन्न जिलों में समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया और नवनिर्वाचित सांसद को शुभकामनाएं दीं।

झामुमो नेताओं का कहना है कि यह जीत पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और गठबंधन सहयोगियों के समर्थन का परिणाम है। पार्टी ने इसे सामाजिक न्याय और जनहित की राजनीति की जीत करार दिया है।

निशिकांत दुबे ने साधा महागठबंधन पर निशाना

राज्यसभा चुनाव परिणाम आने के बाद सांसद Nishikant Dubey ने महागठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 28 मत मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 20 मत प्राप्त हुए।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम ने महागठबंधन की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है और यह स्पष्ट संकेत है कि गठबंधन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि परिणामों ने विपक्षी एकता के दावों की पोल खोल दी है।

कांग्रेस की हार पर उठ रहे सवाल

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 20 मत प्राप्त हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान इस बात पर गया है कि कांग्रेस के पास विधानसभा में 16 विधायक हैं, लेकिन उम्मीदवार को कुल 20 वोट मिले।

हालांकि यह आंकड़ा कांग्रेस को अतिरिक्त समर्थन मिलने का संकेत देता है, फिर भी चुनावी मुकाबले में जीत हासिल नहीं हो सकी। हार के बाद कांग्रेस खेमे में मंथन की चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि भविष्य की रणनीति को लेकर गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि राज्यसभा चुनाव अक्सर दलों के भीतर मौजूद राजनीतिक समीकरणों और रिश्तों की भी झलक दिखाते हैं। ऐसे में इस चुनाव के परिणामों का प्रभाव आने वाले समय में विधानसभा की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

क्या बदल सकते हैं झारखंड के राजनीतिक समीकरण?

राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद सबसे बड़ी चर्चा राजनीतिक समीकरणों को लेकर हो रही है। भाजपा इस परिणाम को अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत बता रही है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन इसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के परिणाम सीधे तौर पर सरकार की स्थिरता का संकेत नहीं होते, लेकिन वे दलों की राजनीतिक ताकत, संबंधों और रणनीतिक क्षमता को जरूर दर्शाते हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में विभिन्न दल अपने संगठन और गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हो सकते हैं।

विधानसभा चुनाव और राजनीतिक भविष्य पर असर

झारखंड में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए राज्यसभा चुनाव के परिणामों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा इस जीत को कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बढ़ाने और संगठन विस्तार के लिए इस्तेमाल कर सकती है। वहीं झामुमो अपनी जीत को गठबंधन की सफलता के रूप में प्रचारित करने की तैयारी में है।

कांग्रेस के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है। पार्टी को आने वाले समय में संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक रणनीति पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव का यह परिणाम केवल संसदीय चुनाव का नतीजा नहीं बल्कि भविष्य की राजनीति का संकेत भी माना जा रहा है।

झारखंड की राजनीति में बढ़ी गर्मी

राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड की राजनीति में बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा, झामुमो और कांग्रेस तीनों दल अपने-अपने तरीके से परिणामों की व्याख्या कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन नतीजों के आधार पर कई नई राजनीतिक चर्चाएं और रणनीतियां सामने आ सकती हैं।

फिलहाल इतना तय है कि राज्यसभा चुनाव ने झारखंड की राजनीति में नई ऊर्जा और नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसका असर आने वाले महीनों में राज्य की राजनीतिक दिशा पर देखने को मिल सकता है।

निष्कर्ष

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में बैजनाथ राम और परिमल नाथवानी की जीत ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। भाजपा इसे महागठबंधन की कमजोरी बता रही है, जबकि झामुमो अपनी जीत का जश्न मना रही है। कांग्रेस की हार के बाद गठबंधन राजनीति और भविष्य के समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इन परिणामों का राजनीतिक असर और अधिक स्पष्ट हो सकता है।

 

Q1. झारखंड राज्यसभा चुनाव में कौन-कौन विजयी हुए?

A. झामुमो के बैजनाथ राम और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की।

Q2. परिमल नाथवानी को कितने मत मिले?

A. उन्हें कुल 28 मत प्राप्त हुए।

Q3. कांग्रेस प्रत्याशी को कितने वोट मिले?

A. कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 20 मत मिले।

Q4. चुनाव परिणाम के बाद किस दल ने जश्न मनाया?

A. भाजपा और झामुमो दोनों दलों ने अपने-अपने विजयी उम्मीदवारों की जीत पर जश्न मनाया।

Q5. क्या इस परिणाम से झारखंड की राजनीति प्रभावित हो सकती है?

A. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिणाम भविष्य के राजनीतिक समीकरणों और रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

Post view : 74

Leave a Comment

और पढ़ें