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देवघर साइबर थाना पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
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फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को लगाते थे चूना, देवघर पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को दबोचा
PhonePe, Google Pay, PayTM और Airtel Payment Bank के नाम पर चल रहा था ठगी का खेल, PM किसान योजना का लालच देकर भी बनाते थे शिकार
News Desk | Deoghar | 02 जून 2026

फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को देवघर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों पर PhonePe, Google Pay, PayTM, Airtel Payment Bank और ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड के नाम पर लोगों को झांसा देकर साइबर ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को विभिन्न डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म और बैंकिंग सेवाओं का अधिकारी बताकर आम लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद वे तकनीकी सहायता, अकाउंट अपडेट, कार्ड पुनः चालू कराने या गिफ्ट कार्ड रिडीम करने का लालच देकर लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे और उनके खातों से रकम उड़ा देते थे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई कार्रवाई
देवघर पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में साइबर थाना की टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि जिले के विभिन्न इलाकों में कुछ संदिग्ध व्यक्ति फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
सूचना के आधार पर साइबर थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने 1 जून 2026 को छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में इनके मोबाइल फोन और सिम कार्ड से साइबर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है।
ऐसे लोगों को बनाते थे निशाना
जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इनमें प्रमुख रूप से—
- PhonePe, Google Pay और PayTM के कस्टमर केयर अधिकारी बनना
- Amazon और Flipkart कस्टमर सपोर्ट के नाम पर संपर्क करना
- गिफ्ट कार्ड बनाकर उसे रिडीम कराने के बहाने जानकारी लेना
- Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर सहायता देने का दावा करना
- Airtel Thanks App के माध्यम से बैंक कार्ड बंद या चालू कराने का झांसा देना
- PM किसान योजना का लाभ दिलाने के नाम पर फर्जी मोबाइल नंबरों से संपर्क करना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य लोगों को विश्वास में लेकर बैंकिंग और डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी हासिल करना था, जिसके बाद वे ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
- राजन कुमार मंडल (25 वर्ष)
पिता – पप्पू मंडल
निवासी – ताराबहाल, थाना करमाटांड़, जिला जामताड़ा - विकाश मंडल (36 वर्ष)
पिता – बीरबल मंडल
निवासी – करमाटांड़, जिला जामताड़ा - रोहित मंडल (23 वर्ष)
पिता – भीम मंडल
निवासी – बड़ा नवादा, थाना मधुपुर, जिला देवघर
पुलिस अब इन आरोपियों के नेटवर्क और इनके संपर्क में रहे अन्य संदिग्धों की भी जांच कर रही है।
बरामद किए गए मोबाइल और सिम कार्ड
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संचार सामग्री बरामद की है। बरामद सामानों में शामिल हैं—
- 07 मोबाइल फोन
- 07 सिम कार्ड
पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का उपयोग साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने में किया जा रहा था। जब्त मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर अन्य मामलों से भी लिंक तलाशे जा रहे हैं।
जामताड़ा मॉडल की तर्ज पर चल रहा था साइबर नेटवर्क
साइबर अपराध के मामलों में जामताड़ा क्षेत्र का नाम पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का कार्य करने का तरीका भी संगठित साइबर गिरोहों जैसा था। वे लोगों को फोन कर खुद को अधिकृत अधिकारी बताते थे और फिर तकनीकी शब्दावली का इस्तेमाल कर उन्हें भ्रमित करते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ ऐसे अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए किसी भी अनजान कॉल, लिंक या कस्टमर केयर नंबर पर आंख बंद कर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने यह भी कहा है कि कोई भी बैंक, डिजिटल पेमेंट कंपनी या सरकारी संस्था फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगती। ऐसे कॉल आने पर तत्काल सतर्क हो जाएं।
साइबर अपराध पर पुलिस की सख्ती जारी
देवघर पुलिस का कहना है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लगातार मिल रही सफलताओं से यह स्पष्ट है कि पुलिस तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर साइबर गिरोहों पर शिकंजा कस रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि ऑनलाइन ठगी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
डिजिटल युग में ऑनलाइन भुगतान और इंटरनेट सेवाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। देवघर पुलिस द्वारा तीन साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी न केवल एक बड़ी सफलता है, बल्कि आम लोगों के लिए भी चेतावनी है कि वे ऑनलाइन लेनदेन के दौरान पूरी सावधानी बरतें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
Q1. देवघर पुलिस ने कितने साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है?
A. देवघर साइबर थाना पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
Q2. आरोपी किस प्रकार की ठगी करते थे?
A. वे PhonePe, Google Pay, PayTM, Amazon, Flipkart और Airtel Payment Bank के फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगते थे।
Q3. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
A. पुलिस ने 7 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
Q4. साइबर ठगी की शिकायत कहां करें?
A. साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की जा सकती है।
Q5. साइबर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?
A. किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध कॉल से सावधान रहें।










