दो दिवसीय 17वीं जिला खो-खो प्रतियोगिता 20 दिसंबर से, विजेताओं को मिलेगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का मौका

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✅  देवघर में 20-21 दिसंबर को 17वीं जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन होगा। विजेता टीमों को ट्रॉफी-प्रमाण पत्र और खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय मौका मिलेगा।

 

 

 

 

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📰 दो दिवसीय 17वीं जिला खो-खो प्रतियोगिता 20 दिसंबर से, विजेताओं को मिलेगा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का मौका

 

देवघर। जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं में प्रतिस्पर्धी भावना के विकास के उद्देश्य से इस वर्ष दो दिवसीय 17वीं जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन 20 और 21 दिसंबर को किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन देवघर महाविद्यालय परिसर स्थित बाबू बेदानंद सिंह अखाड़ा में होगा, जहां जिले भर की विभिन्न टीमों के खिलाड़ी भाग लेंगे।

 

खो-खो संघ देवघर के अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य खो-खो जैसे पारंपरिक भारतीय खेल को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करना है। उनके अनुसार, जिले में मौजूद प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि 20 दिसंबर को होने वाला उद्घाटन समारोह खेल प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

 

उद्घाटन समारोह 20 दिसंबर सुबह 10 बजे

 

प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ 20 दिसंबर को सुबह 10 बजे किया जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर जिले के कई गणमान्य अतिथि, खेल अधिकारी, शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। खो-खो संघ के तकनीकी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता के सभी मैच नियमों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को एक उत्कृष्ट मंच देने के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

 

15 दिसंबर तक होगा टीम पंजीकरण

 

संघ के सचिव कौशल कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टीम निबंधन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर निर्धारित की गई है। जिले की सभी स्कूल, कॉलेज और क्लब टीमों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी व्यापक भागीदारी की उम्मीद है। संघ का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा इस प्रतियोगिता से जुड़ें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें।

 

विजेता टीमों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र

 

दो दिवसीय प्रतियोगिता के समापन पर विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में भाग लेने का सीधा मौका मिलेगा। यह अवसर उन खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो आगे जाकर राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।

 

पारंपरिक खेल खो-खो को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास

 

खो-खो संघ का मानना है कि आधुनिक खेलों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच पारंपरिक भारतीय खेलों को प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है। खो-खो एक ऐसा खेल है, जो न केवल फुर्ती और फिटनेस को बढ़ाता है बल्कि टीमवर्क, रणनीति और त्वरित निर्णय लेने जैसी क्षमताओं का विकास भी करता है।

 

जिले में पिछले कई वर्षों से खो-खो संघ लगातार इस खेल के प्रचार-प्रसार में लगा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कई युवा खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के माध्यम से राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं और आने वाले वर्षों में भी ऐसी सफल कहानियाँ सामने आएंगी।

 

सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

 

आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। खेल मैदान की मरम्मत, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्रथम चिकित्सा और सुरक्षा से संबंधित सभी तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। आयोजकों का कहना है कि प्रत्येक मैच के लिए प्रशिक्षित रेफरी और स्कोरर की तैनाती की जाएगी, ताकि प्रतियोगिता बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

 

खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक उपस्थिति की अपील

 

आयोजकों ने जिले के खेल प्रेमियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। उनका कहना है कि दर्शकों की उपस्थिति खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाती है और प्रतियोगिता को और भी रोचक बनाती है।

 

डॉ. राजीव रंजन ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि देवघर जिला खो-खो के क्षेत्र में राज्य में पहचान बनाए और यहां की प्रतिभाएँ राष्ट्रीय स्तर पर चमकें। इसके लिए समाज के सहयोग और खिलाड़ियों के निरंतर अभ्यास की आवश्यकता है।”

 

युवा खिलाड़ियों में उत्साह

 

इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जिले भर के स्कूलों और खेल क्लबों के युवा खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कई कोचों का मानना है कि इन प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धात्मक मानसिकता विकसित होती है और वे उच्च स्तर की तैयारी कर पाते हैं।

 

खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता इसलिए भी खास है क्योंकि यह उन्हें राज्य स्तरीय टीम में चयन के लिए आवश्यक मंच प्रदान करती है। कई युवा पहले ही अपनी टीम तैयार कर अभ्यास में जुट चुके हैं।

 

दो दिवसीय खेल महोत्सव का इंतजार

 

20 और 21 दिसंबर को देवघर महाविद्यालय परिसर खेल प्रेमियों के लिए उत्साह और जोश से भरा होगा। जिले में खो-खो प्रेमियों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी नजर इस प्रतियोगिता पर रहेगी। दो दिनों तक चलने वाले इस खेल महोत्सव से न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि देवघर में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिल सकेगी।

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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