
भारत वर्षीय बरनवाल वैश्य महासभा व राष्ट्रीय बरनवाल महिला संघ का आमसभा, शपथ ग्रहण व सम्मान समारोह संपन्न
देवघर। रविवार को भारत वर्षीय बरनवाल वैश्य महासभा व राष्ट्रीय बरनवाल महिला संघ का आमसभा एवं शपथ ग्रहण सह सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय बरनवाल सेवा सदन में किया गया। जिसका अध्यक्षता महासभा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण बरनवाल ने की। कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा अहिवारण की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप जलाकर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे संरक्षक शिव कुमार बरनवाल, सामघृषिका ललिता बरनवाल, महामंत्री प्रदीप बरनवाल, मुकुंद बरनवाल, डॉ विजय प्रकाश बरनवाल, डॉ विजय बरनवाल, ज्योति प्रकाश, ओंकारनाथ बरनवाल, अशोक बरनवाल, नंदलाल बरनवाल, ईश्वर चंद बरनवाल आदि लोग मौजद थे। इसके बाद राष्ट्रीय बरनवाल महिला समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम बरनवाल, महामंत्री सुषमा कौशिक, उपाध्यक्ष कोमल बरनवाल, मीनाक्षी बरनवाल, किरण देवी एवं मंत्री के रूप में मंजू बरनवाल देवघर, शोभिका बरनवाल वाराणसी, कोषाध्यक्ष अंजू बरनवाल सहित कार्यसमिति सदस्य एवं विशेष आमंत्रित सदस्य को राष्ट्रीय संरिक्षिक ललिता लाल बरनवाल कोलकत्ता द्वारा शपथ दिलाया गया। मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा पांच प्रतिभाशाली बच्चे को गौरव सम्मान से सम्मान समानित किया गया। जिसमें मास्टर ऐश्वर्या राज देवघर, आकर्षण कुमार आसनसोल, अदिति बरनवाल पुणे, भव्या नवकुंज एवं रतन कुमार को समानित किया गया। इस दौरन बरन कन्या न्यास पटना के अध्यक्ष सुनील कुमार गुड्डू, महासचिव अनिल कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष मुकेश कांत एवं उनके टीम के द्वारा नौ निहायती ग़रीब महिला कों सिलाई मशीन एवं एक जरूरतमंद दिव्यांग कन्या को उसके विवाह संपन्न करवाने हेतु 51 हजार रुपया सहयोग किया। मंच संचालन शुधांशु शेखर बरनवाल के द्वारा किया गया। धन्यवद् ज्ञापन राजकुमार बरनवाल के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय सह संयोजक रवीन्द्र कुमार बरनवाल, भीम प्रसाद बरनवाल, दीनबंधु बरनवाल, सर्वोतम बरनवाल, सत्येंद्र बरनवाल, राजन शशि, पंकज बरनवाल, आदित्य बरनवाल, शिवोत्तर बरनवाल, दिलीप बरनवाल, नीरज बरनवाल, रेखा बरनवाल, सरिता बरनवाल, नीतू बरनवाल, संगीता बरनवाल, इंदु बरनवाल, रितु रत्नम, मीना शरण, बबली बरनवाल, प्रियम भारती, प्रेमलता बरनवाल, प्रीति रानी, रेणु बरनवाल, पूनम बरनवाल सहित अन्य महिला उपस्थित थी।







