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एम्स देवघर और एमआरएचआरयू जरमुंडी के कार्यक्रम में विज्ञान अनुसंधान से रूबरू हुए विद्यार्थी
एम्स देवघर और एमआरएचआरयू जरमुंडी के संयुक्त कार्यक्रम में कक्षा 11वीं-12वीं के विज्ञान विद्यार्थियों को कोविड वैक्सीन विकास, सिकल सेल, क्षय रोग और स्वास्थ्य अनुसंधान की जानकारी दी गई।
एम्स देवघर विज्ञान एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम
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एम्स देवघर और एमआरएचआरयू जरमुंडी के विज्ञान एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थी
विज्ञान एवं स्वास्थ्य कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वैक्सीन विकास और स्वास्थ्य अनुसंधान की जानकारी देते विशेषज्ञ
देवघर/ संवाददाता
11 अगस्त 2026
3 मिनट

एम्स देवघर-एमआरएचआरयू जरमुंडी के कार्यक्रम में विज्ञान अनुसंधान से रूबरू हुए विद्यार्थी
कोविड वैक्सीन के विकास की प्रक्रिया, सिकल सेल और क्षय रोग से जुड़ी परियोजनाओं की मिली जानकारी; प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
देवघर। विद्यार्थियों को विज्ञान एवं स्वास्थ्य अनुसंधान की व्यावहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से मंगलवार को एमआरएचआरयू जरमुंडी, दुमका और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) देवघर के सहयोग से देवीपुर प्रखंड के केंदुआ विद्यालय में एक दिवसीय विज्ञान एवं स्वास्थ्य नवाचार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान, स्वास्थ्य विज्ञान और चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे शोध कार्यों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को समझने, उनके कारणों का अध्ययन करने तथा रोकथाम और उपचार के बेहतर उपाय तलाशने का प्रयास किया जाता है।
वीडियो के माध्यम से समझाई कोविड वैक्सीन के विकास की प्रक्रिया
कार्यक्रम में वीडियो क्लिप के माध्यम से विद्यार्थियों को कोविड वैक्सीन के विकास एवं खोज की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। प्रस्तुति के जरिए विद्यार्थियों को वैक्सीन विकास से जुड़ी वैज्ञानिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
इस दौरान उन्हें समझाया गया कि चिकित्सा क्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण खोज के पीछे वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन और परीक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय को सरल और रोचक तरीके से समझने का अवसर मिला।
सिकल सेल, एसईआरपीए और क्षय रोग परियोजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में एमआरएचआरयू जरमुंडी के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं के बारे में भी छात्र-छात्राओं को जानकारी दी गई। इनमें सिकल सेल रोग, एसईआरपीए परियोजना तथा क्षय रोग से संबंधित परियोजनाएं शामिल रहीं।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य अनुसंधान के महत्व से अवगत कराया। बताया गया कि विभिन्न रोगों से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी जुटाने और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को समझने में अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े विषयों को केवल पाठ्यक्रम के नजरिए से नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक और सामाजिक महत्व के साथ समझने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना रहा उद्देशय
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा उन्हें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अनुसंधान की जानकारी देना था। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि विज्ञान का उपयोग मानव स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में किस प्रकार किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सवाल पूछने और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर विषयों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने के लिए जिज्ञासा, अध्ययन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व पर भी जोर दिया।
विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में अतिथि एवं सदस्य के रूप में डॉ. अभिजीत भोराटे, अतिरिक्त प्रोफेसर, एम्स देवघर, डॉ. सुनील पाणिग्राही, सहायक प्रोफेसर, परिवार एवं सामुदायिक चिकित्सा विभाग, एम्स देवघर, डॉ. तनवीर रहमान, नोडल पदाधिकारी, एमआरएचआरयू जरमुंडी, दुमका, डॉ. आर्शी अहद, परियोजना वैज्ञानिक, एमआरएचआरयू जरमुंडी तथा एमडी अमानुल्लाह अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अनुप्रिया पूर्ति, वर्षा कुमारी, मनीषा रानी सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इस दौरान विशेषज्ञों और विद्यार्थियों के बीच संवाद भी हुआ तथा स्वास्थ्य एवं अनुसंधान से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की गई।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागी सम्मानित
कार्यक्रम के समापन पर छात्र-छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में कार्यक्रम के दौरान दी गई विज्ञान, स्वास्थ्य और अनुसंधान से संबंधित जानकारी पर आधारित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
प्रश्नोत्तरी में सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों को कार्यक्रम में मिली जानकारी को दोहराने और अपनी समझ को परखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कोविड वैक्सीन के विकास की प्रक्रिया, सिकल सेल रोग, एसईआरपीए परियोजना और क्षय रोग से संबंधित अनुसंधान कार्यों की जानकारी मिली। आयोजकों के अनुसार ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और उन्हें स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र से परिचित कराने में उपयोगी साबित होते हैं।










