बोल बम के जयघोष के बीच कांवरियों की सेवा का बना आस्था केंद्र, नमो सेवा शिविर में रोज हजारों शिवभक्तों को मिल रहा सहारा

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बोल बम के जयघोष के बीच कांवरियों की सेवा का बना आस्था केंद्र, नमो सेवा शिविर में रोज हजारों शिवभक्तों को मिल रहा सहारा

सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के सौजन्य से संचालित शिविर में भोजन, विश्राम, प्राथमिक उपचार और भजन-कीर्तन की नि:शुल्क व्यवस्था, 24 घंटे सेवा में जुटी सैकड़ों स्वयंसेवकों की टीम

संवाददाता : देवघर : 05. अगस्त 2026

राजकीय श्रावणी मेले के सातवें दिन सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पर निकले लाखों कांवरियों के बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ शिवमय हो उठा। इस बीच बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। इसी कड़ी में खजुरिया मोड़ से आगे कांवरिया पथ पर गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के सौजन्य से संचालित नमो सेवा शिविर सेवा, समर्पण और मानवता का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

यहां प्रतिदिन हजारों कांवरियों को नि:शुल्क भोजन, शीतल पेयजल, विश्राम, प्राथमिक उपचार, स्वच्छ शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके कारण लंबी पदयात्रा से थके श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। इसके बाद वे नई ऊर्जा के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर अपनी यात्रा जारी रखते हैं।

वहीं, शिविर में एक समय में लगभग 200 कांवरियों के बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन चार से पांच हजार श्रद्धालु यहां महाप्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर दस हजार श्रद्धालुओं तक भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी भी रखी गई है। इसके अलावा, लगभग 400 कांवरियों के रात्रि विश्राम की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

इसके साथ ही, शिविर में प्राथमिक उपचार केंद्र लगातार संचालित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान अस्वस्थ होने वाले श्रद्धालुओं को यहां तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, गर्मी और थकान को देखते हुए शीतल पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष प्रबंध किया गया है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में कांवरिये यहां रुककर राहत महसूस करते हैं।

भक्ति के साथ मनोरंजन का भी अनूठा संगम

दूसरी ओर, नमो सेवा शिविर की विशेष पहचान कोलकाता से आई भजन मंडली भी है। कलाकार दिन-रात शिवभक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दे रहे हैं। फलस्वरूप पूरा शिविर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहता है। इस दौरान कांवरिये कुछ समय रुककर भजन-कीर्तन का आनंद लेते हैं। इसके बाद वे नए उत्साह और ऊर्जा के साथ अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं।

24 घंटे सेवा में जुटी स्वयंसेवकों की टीम

वहीं, शिविर के सुपरवाइजर शैलेंद्र सिंह एवं सतीश कुमार ने बताया कि प्रतिदिन दिल्ली, कोलकाता सहित विभिन्न स्थानों से आए लगभग 300 से 400 स्वयंसेवक और सहयोगी 24 घंटे सेवा कार्य में जुटे रहते हैं। इसके अलावा, सोमवार एवं अन्य भीड़भाड़ वाले दिनों में अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की जाती हैं। ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि यहां पहुंचने वाले कांवरिये शिविर की स्वच्छता, सुव्यवस्थित प्रबंधन और आत्मीय सेवा की सराहना कर रहे हैं।

उद्घाटन के दिन सांसद परिवार ने स्वयं परोसा था भोजन

गौरतलब है कि नमो सेवा शिविर का उद्घाटन भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी अणुकांत दुबे ने संयुक्त रूप से किया था। उस अवसर पर दोनों ने अपने पुत्र के साथ स्वयं शिवभक्त कांवरियों को भोजन परोसकर सेवा का संदेश दिया था। तब से सांसद परिवार शिविर की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहा है।

अंततः, श्रद्धालुओं का कहना है कि नमो सेवा शिविर में मिलने वाली आत्मीयता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और सेवा भाव उनकी कठिन यात्रा को सहज और यादगार बना रहे हैं। यही कारण है कि श्रावणी मेले में यह शिविर सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर लाखों कांवरियों के लिए राहत, विश्वास और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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