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देवघर नगर निगम में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने जॉबकार्डधारी श्रमिकों को रोजगार में प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए। सफाई, सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का आदेश।
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मुख्यमंत्री श्रमिक योजना पर नगर निगम सख्त, जॉबकार्डधारियों को मिलेगा रोजगार; नगर आयुक्त ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
सफाई, सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, तालाबों के जीर्णोद्धार और मेलों में अतिरिक्त मानवबल की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री श्रमिक योजना से होगी, समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का आदेश
सुनील झा | देवघर | 1 जुलाई 2026

देवघर नगर निगम में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते नगर आयुक्त।
देवघर नगर निगम सभागार में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते नगर आयुक्त सुलोचना मीणा।
देवघर नगर निगम ने मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त सुलोचना मीणा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, शहरी क्षेत्र के अकुशल श्रमिकों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने और नगर निगम की सभी प्रमुख योजनाओं में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के जॉबकार्डधारी श्रमिकों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक योजना का मूल उद्देश्य शहरी क्षेत्र के जरूरतमंद और अकुशल श्रमिकों को सम्मानजनक एवं समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराना है, इसलिए योजना का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
सभी विकास कार्यों में जॉबकार्डधारियों को मिलेगी प्राथमिकता
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि नगर निगम क्षेत्र में होने वाले सभी विकास कार्यों में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत पंजीकृत जॉबकार्डधारी श्रमिकों को ही प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, जल निकासी व्यवस्था, सड़क किनारे सफाई, मरम्मत कार्य, सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव और अन्य जनहित कार्यों में केवल पंजीकृत श्रमिकों की ही नियुक्ति की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि शहरी गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना भी है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
मेलों में अतिरिक्त मानवबल भी मुख्यमंत्री श्रमिक योजना से जुड़ेगा
बैठक के दौरान सफाई शाखा और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए कि मेलों, धार्मिक आयोजनों और विशेष अभियानों के दौरान लगाए जाने वाले अतिरिक्त मानवबल को भी मुख्यमंत्री श्रमिक योजना से जोड़ने के बाद ही कार्य पर लगाया जाए।
नगर आयुक्त ने कहा कि देवघर धार्मिक नगरी होने के कारण यहां वर्षभर विभिन्न आयोजन होते रहते हैं। ऐसे अवसरों पर बड़ी संख्या में अतिरिक्त श्रमिकों की आवश्यकता होती है। यदि इन कार्यों में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना से जुड़े श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी, तो स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार मिलेगा और योजना का उद्देश्य भी पूरा होगा।
विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश
शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर आयुक्त ने सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित सफाई व्यवस्था के साथ-साथ उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहां लंबे समय से सफाई संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और नागरिकों को बेहतर स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था होगी मजबूत
बैठक में व्यावसायिक क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और मुख्य सड़कों पर रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि दिन के समय अत्यधिक भीड़ होने के कारण कई स्थानों पर सफाई कार्य प्रभावित होता है। ऐसे में रात के समय झाड़ू लगाने और कचरा उठाव की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सुबह शहर स्वच्छ दिखाई दे।
झाड़ियों की कटाई और तालाबों के संरक्षण पर रहेगा विशेष जोर
नगर निगम ने शहर के सार्वजनिक स्थलों, सड़कों के किनारे और खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर उगी झाड़ियों की नियमित कटाई कराने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न तालाबों के संरक्षण, साफ-सफाई और जीर्णोद्धार के लिए अलग कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि जल निकायों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन और शहरी विकास दोनों के लिए आवश्यक है। इसलिए तालाबों की सफाई और संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
हर योजना की होगी नियमित निगरानी
बैठक में नगर आयुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा की जाए और कार्यों की प्रगति की निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी हों और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
अधिकारियों ने समय पर लक्ष्य पूरा करने का दिया भरोसा
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त रजनीश कुमार, सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार एवं रंजीत सिंह, नगर मिशन प्रबंधक कौशल किशोर और हिमांशु शेखर, नगर प्रबंधक सतीश दास, प्रकाश मिश्रा और मनीष तिवारी, नगर नियोजक, सहायक अभियंता पारस कुमार तथा सामुदायिक स्तर तकनीकी समन्वयक सहित नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का भरोसा दिया।
निष्कर्ष
देवघर नगर निगम की यह समीक्षा बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि मुख्यमंत्री श्रमिक योजना को केवल कागजी योजना तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। यदि नगर निगम के सभी विभाग निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम करते हैं, तो इससे हजारों शहरी अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलने के साथ-साथ शहर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री श्रमिक योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: शहरी क्षेत्रों के पंजीकृत अकुशल श्रमिकों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराना।
प्रश्न 2: किन कार्यों में जॉबकार्डधारी श्रमिकों को प्राथमिकता मिलेगी?
उत्तर: सफाई, सौंदर्यीकरण, वृक्षारोपण, जल निकासी, मरम्मत, तालाबों के जीर्णोद्धार तथा अन्य नगर निगम के जनहित कार्यों में।
प्रश्न 3: नगर आयुक्त ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
उत्तर: सभी विकास कार्यों में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के पंजीकृत श्रमिकों को प्राथमिकता देने, विशेष सफाई अभियान चलाने, रात्रिकालीन सफाई मजबूत करने और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रश्न 4: बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे?
उत्तर: अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर मिशन प्रबंधक, नगर प्रबंधक, नगर नियोजक, सहायक अभियंता, सामुदायिक स्तर तकनीकी समन्वयक सहित नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









