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एम्स देवघर में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ। 47 प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक और अन्य आपात स्थितियों में जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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एम्स देवघर में फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, 47 प्रतिभागी सीख रहे जीवन बचाने की कला
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की पहल; सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक और आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार का दिया जा रहा प्रशिक्षण
संवाददाता | देवघर | 07 जून 2026

एम्स देवघर में आयोजित फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार की जानकारी देते प्रशिक्षक एवं उपस्थित रेड क्रॉस पदाधिकारी।
देवघर में स्वास्थ्य जागरूकता और आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा द्वारा एम्स देवघर परिसर में फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल चिकित्सा संबंधी बुनियादी जानकारी उपलब्ध करा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार कर रहा है, जहां समय पर दी गई सहायता किसी व्यक्ति के जीवन को बचा सकती है।
कार्यक्रम में कुल 47 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण सेंट जॉन्स एम्बुलेंस, जमशेदपुर से आए अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से सहायता प्रदान कर सकें।
आपातकालीन परिस्थितियों में कैसे करें प्राथमिक सहायता, सिखाए जा रहे महत्वपूर्ण तरीके
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना, हृदयाघात (हार्ट अटैक), जलने की घटनाएं, हाथ-पैर में चोट, बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस रुकने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को बताया जा रहा है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं। यदि घायल व्यक्ति को समय पर सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो उसकी स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है और अस्पताल पहुंचने तक उसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में घबराने के बजाय किस प्रकार व्यवस्थित तरीके से सहायता प्रदान करनी चाहिए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को आत्मविश्वासी और सक्षम बनाना है ताकि वे संकट की घड़ी में दूसरों के लिए सहारा बन सकें।
समाज को अधिक सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में पहल
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आज के समय में सड़क दुर्घटनाओं, अचानक होने वाली स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में समाज के अधिक से अधिक लोगों का प्राथमिक उपचार का ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक हो गया है।
फर्स्ट एड का प्रशिक्षण केवल चिकित्सकों या स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसा कौशल है जिसे कोई भी सामान्य नागरिक सीख सकता है और जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रेड क्रॉस सोसायटी का मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार की जानकारी हो, तो आपातकालीन परिस्थितियों में होने वाली क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

शुरुआती कुछ मिनट बचा सकते हैं किसी की जिंदगी : जीतेश राजपाल
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के चेयरमैन जीतेश राजपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राथमिक उपचार का ज्ञान प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना अथवा किसी भी आपातकालीन स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। कई बार अस्पताल पहुंचने से पहले की गई छोटी-सी सही कार्रवाई किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकती है।
उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाना है जो किसी भी संकट की स्थिति में बिना समय गंवाए जरूरतमंद लोगों की सहायता कर सकें। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और इसे समाजहित में उपयोग करने का आह्वान किया।
फर्स्ट एड मानवता की सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम : पीयूष जायसवाल
रेड क्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि फर्स्ट एड केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि कई बार अस्पताल पहुंचने से पहले यदि मरीज को सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो उसकी स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। ऐसे में प्रशिक्षित व्यक्ति किसी अनजान व्यक्ति के लिए भी जीवनदाता साबित हो सकता है।
उन्होंने समाज के युवाओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है फर्स्ट एड : नरेन्द्र झा
कार्यकारिणी सदस्य नरेन्द्र झा ने कहा कि प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण केवल चिकित्सा संबंधी जानकारी नहीं देता, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा दिया गया सही और समय पर प्राथमिक उपचार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी अपने परिवार, कार्यस्थल और समाज में भी फर्स्ट एड के महत्व को प्रसारित करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी का यह प्रयास समाज को अधिक सुरक्षित, जागरूक और आपदा प्रबंधन के प्रति सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ रहा प्रतिभागियों का आत्मविश्वास
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है।
विशेषज्ञ प्रशिक्षक प्रतिभागियों को बता रहे हैं कि दुर्घटना स्थल पर पहुंचने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए, घायल व्यक्ति को किस प्रकार सुरक्षित रखना चाहिए तथा चिकित्सा सहायता आने तक कौन-कौन से कदम उठाए जाने चाहिए।
इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए स्वयं को अधिक तैयार महसूस कर रहे हैं।
नितेश सिंह राजपूत के योगदान की सराहना
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नितेश सिंह राजपूत के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि उनके सहयोग और समन्वय के कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन संभव हो पाया है।

ये पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा के कोषाध्यक्ष राजकुमार वर्णवाल, कार्यकारिणी सदस्य नरेन्द्र झा, संजय मिश्रा, अर्चना भगत सहित कई पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने तथा प्राप्त ज्ञान का उपयोग समाज सेवा, जनजागरूकता और मानव जीवन की रक्षा के लिए करने का आह्वान किया।
भविष्य में भी जारी रहेंगे जीवन रक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम
भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी एवं जीवन रक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। संस्था का मानना है कि प्रशिक्षित और जागरूक नागरिक किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों को जीवन बचाने की कला सिखा रहा है, बल्कि समाज में सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
निष्कर्ष
एम्स देवघर में शुरू हुआ फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। 47 प्रतिभागियों को दिया जा रहा यह प्रशिक्षण भविष्य में कई लोगों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की यह पहल समाज को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और आपदा प्रबंधन के प्रति तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
प्रश्न 1: फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम कहां आयोजित किया जा रहा है?
उत्तर: एम्स देवघर परिसर में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
प्रश्न 2: प्रशिक्षण में कितने प्रतिभागी शामिल हैं?
उत्तर: प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 47 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
प्रश्न 3: प्रशिक्षण कौन प्रदान कर रहा है?
उत्तर: सेंट जॉन्स एम्बुलेंस, जमशेदपुर से आए अनुभवी प्रशिक्षक प्रशिक्षण दे रहे हैं।
प्रश्न 4: प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया जा रहा है?
उत्तर: सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, जलने, चोट लगने और अन्य आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार की जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रश्न 5: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सक्षम बनाना और जरूरत पड़ने पर जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करना।










