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झामुमो देवघर जिलाध्यक्ष संजय कुमार शर्मा के चाचा बैकुंठ शर्मा के निधन पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने मानिकपुर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। पढ़ें पूरी खबर।
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झामुमो जिलाध्यक्ष संजय शर्मा के चाचा के निधन पर उमड़ा शोक, पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने मानिकपुर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
मानिकपुर स्थित आवास पर पहुंचकर किया अंतिम दर्शन, शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए बोले— अपनों की स्मृतियां हमेशा जीवित रहती हैं
संवाददाता | देवघर | 31 मई 2026

मानिकपुर स्थित आवास पर दिवंगत बैकुंठ शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख एवं उपस्थित लोग।
देवघर जिले के मानिकपुर क्षेत्र में उस समय शोक का माहौल व्याप्त हो गया जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) देवघर जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा के चाचा बैकुंठ शर्मा के आकस्मिक निधन की सूचना सामने आई। परिवार के इस दुःखद क्षण में राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दिवंगत के निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके आवास पहुंचे।
निधन की सूचना मिलते ही झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी मानिकपुर स्थित आवास पहुंचे। उन्होंने दिवंगत बैकुंठ शर्मा के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।
परिवार के साथ खड़े दिखे पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख
पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने संजय कुमार शर्मा सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य का निधन केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं होता, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए एक बड़ी अपूरणीय क्षति होती है।
उन्होंने कहा कि जीवन और मृत्यु प्रकृति का शाश्वत सत्य है, लेकिन किसी प्रियजन का अचानक साथ छोड़ जाना अत्यंत पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में परिवार को धैर्य, साहस और एकजुटता के साथ इस कठिन परिस्थिति का सामना करना चाहिए।
बादल पत्रलेख ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि इस दुखद घड़ी में समाज और उनके शुभचिंतक उनके साथ खड़े हैं।
दिवंगत बैकुंठ शर्मा को लोगों ने किया याद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत बैकुंठ शर्मा के व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार को याद किया। लोगों ने कहा कि वे सरल, मिलनसार और समाज के प्रति समर्पित विचारों वाले व्यक्ति थे। उनके व्यवहार और सामाजिक संबंधों ने उन्हें क्षेत्र में एक सम्मानित पहचान दिलाई थी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि बैकुंठ शर्मा हमेशा लोगों के सुख-दुःख में सहभागी बनते थे और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करते थे। यही कारण है कि उनके निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे कई लोगों ने कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा और समाज में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
मानिकपुर में दिनभर रहा गमगीन माहौल
दिवंगत के मानिकपुर स्थित आवास पर दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि, झामुमो कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक परिवार से मिलने पहुंचे और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण पूरी तरह भावुक और गमगीन बना रहा। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिवार के सदस्यों ने भी सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन समय में उनके साथ खड़े होकर अपना समर्थन दिया।
झामुमो कार्यकर्ताओं ने भी जताई संवेदना
झामुमो से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी बैकुंठ शर्मा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संजय कुमार शर्मा लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और ऐसे समय में पूरा संगठन उनके परिवार के साथ खड़ा है।
कई कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

समाज के लोगों ने दिया एकजुटता का संदेश
श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने कहा कि किसी परिवार पर जब ऐसी विपत्ति आती है तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा होकर उसे संबल देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकजुटता ही ऐसी परिस्थितियों में परिवार को मानसिक शक्ति प्रदान करती है।
लोगों ने दिवंगत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। उनके सादगीपूर्ण जीवन और मानवीय व्यवहार को क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
अंतिम प्रार्थना के साथ दी गई श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दिवंगत बैकुंठ शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने पुनः ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति दें।
उन्होंने कहा कि जीवन में व्यक्ति अपने कर्मों और व्यवहार से लोगों के दिलों में स्थान बनाता है और बैकुंठ शर्मा ने अपने जीवनकाल में जो सम्मान अर्जित किया, वह सदैव लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
निष्कर्ष
झामुमो देवघर जिलाध्यक्ष संजय कुमार शर्मा के चाचा बैकुंठ शर्मा के निधन से परिवार, शुभचिंतकों और समाज में शोक की भावना व्याप्त है। पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों ने मानिकपुर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान लोगों ने दिवंगत के सामाजिक योगदान और उनके सरल व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
Q1. बैकुंठ शर्मा कौन थे?
A. बैकुंठ शर्मा झामुमो देवघर जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा के चाचा थे, जिनके निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
Q2. पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने क्या किया?
A. पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख मानिकपुर स्थित आवास पहुंचे, अंतिम दर्शन किए और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
Q3. श्रद्धांजलि कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
A. श्रद्धांजलि कार्यक्रम देवघर जिले के मानिकपुर स्थित दिवंगत के आवास पर आयोजित हुआ।
Q4. कार्यक्रम में किन लोगों ने भाग लिया?
A. राजनीतिक प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, झामुमो कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों और शुभचिंतकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
Q5. लोगों ने दिवंगत को किस रूप में याद किया?
A. लोगों ने उन्हें सरल, मिलनसार और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में याद किया।









