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देवघर के गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में 18 से 26 फरवरी 2026 तक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव और श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन। परम सदगुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य ने सनातन रक्षा का आह्वान किया।
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सनातन की रक्षा के लिए आगे आएं: परम सदगुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में 18 से 26 फरवरी तक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव व श्रीमद् भागवत कथा, 2100 मातृशक्ति संग भव्य कलश यात्रा
Author: संवाददाता | Location: देवघर | Date: 16 फरवरी 2026

देवघर के ठाढ़ीदुलमपुर स्थित गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में 18 से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव और श्रीमद् भागवत कथा को लेकर सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. दुर्गेश आचार्य ने समाज से सनातन धर्म की रक्षा और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्व की कई प्राचीन सभ्यताएं—जैसे सिंधु घाटी सभ्यता और मेसोपोटामिया—समय के साथ विलुप्त हो गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी जीवंत है। यह हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक मूल्यों की शक्ति का प्रमाण है।
सांस्कृतिक चेतना ही सनातन की सुरक्षा का आधार
परम सदगुरु ने कहा कि सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। इसमें विश्व शांति, करुणा और मानवता का संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में अपनी परंपराओं, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को सहेजना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिवारों में संवाद और संस्कार मजबूत रहेंगे तो समाज की जड़ें स्वतः सुदृढ़ होंगी।
2015 में रखी गई थी धाम की आधारशिला
डॉ. दुर्गेश आचार्य ने बताया कि धाम की आधारशिला वर्ष 2015 में रखी गई थी। भक्तों और सहयोगियों के प्रयास से अब यह धाम पूर्ण रूप से तैयार है। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज सेवा, गौ संरक्षण और आध्यात्मिक शिक्षा का केंद्र बनेगा।
18 फरवरी को निकलेगी 2100 मातृशक्ति की मंगल कलश शोभायात्रा
आयोजन की शुरुआत 18 फरवरी 2026 को प्रातः 8 बजे 2100 मातृशक्ति के साथ भव्य मंगल कलश शोभायात्रा से होगी। शोभायात्रा धाम परिसर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करेगी। धार्मिक ध्वज, भक्ति गीत और झांकियों से वातावरण भक्तिमय रहेगा।
20 फरवरी को शुभ मुहूर्त में श्री राधा-कृष्ण, मां दुर्गा एवं भगवान शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विशेष पूजन के साथ यह मुख्य अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा।
प्रतिदिन होंगे ये प्रमुख कार्यक्रम
सुबह 7 बजे: नित्य पूजन, मूल पाठ एवं हवन
दोपहर 1 बजे: मंडप प्रवेश व व्यास-आचार्य वरण
दोपहर 1:30 से शाम 6 बजे: श्रीमद् भागवत कथा
शाम 6:15 बजे: आरती एवं पुष्पांजलि
शाम 7:30 बजे: वृंदावन के कलाकारों द्वारा रासलीला
प्रतिदिन: भगवत महाप्रसाद भंडारा
कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक सह कथावाचक के रूप में कृष्ण आचार्य जी महाराज तथा भागवत भूषण महामाया प्रसाद शास्त्री कथा वाचन करेंगे।
गुरुकुल, चिकित्सालय और कन्यादान सेवा का संकल्प
प्रेस वार्ता में बताया गया कि धाम के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों के कन्यादान में सहयोग, गौ संरक्षण, चिकित्सालय स्थापना और गुरुकुल प्रारंभ करने का संकल्प लिया गया है। गुरुकुल में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासन की शिक्षा दी जाएगी।
मोबाइल के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता
परम सदगुरु ने डिजिटल माध्यमों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद कम हो रहा है। उन्होंने तकनीक के संतुलित उपयोग और पारिवारिक संवाद की परंपरा को पुनर्जीवित करने की अपील की।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
आयोजन समिति द्वारा बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जा रही है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी समुचित प्रबंध किए गए हैं।
धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत यह नौ दिवसीय महोत्सव देवघर की आध्यात्मिक पहचान को और सशक्त करेगा।
प्रश्न 1: प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कब से कब तक होगा?
उत्तर: 18 से 26 फरवरी 2026 तक।
प्रश्न 2: मंगल कलश यात्रा कब निकलेगी?
उत्तर: 18 फरवरी को प्रातः 8 बजे 2100 मातृशक्ति के साथ।
प्रश्न 3: मुख्य कार्यक्रम कब होगा?
उत्तर: 20 फरवरी 2026 को शुभ मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी।

निष्कर्ष
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में आयोजित यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक एकता का संदेश है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
Disclaimer: यह समाचार आयोजकों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी और प्रेस वार्ता के आधार पर तैयार किया गया है।









