मतदान से पहले पोल व्यवस्था की पोल खुली

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देवघर नगर निगम चुनाव से पहले रिटर्निंग ऑफिसर रजनीश कुमार के निरीक्षण में मतदान केंद्रों की बदहाल स्थिति सामने आई। वार्ड 26 के रामपुर बूथ में एक कमरे में दो बूथ और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए।

 

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मतदान से पहले पोल व्यवस्था की पोल खुली

रिटर्निंग ऑफिसर के निरीक्षण में उजागर हुई बूथों की जमीनी हकीकत

Author | Location | Date

सुनील झा | देवघर | मंगलवार

 

देवघर नगर निगम चुनाव: कागजी तैयारी बनाम जमीनी सच्चाई

देवघर नगर निगम चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे प्रशासनिक तैयारियों की भी परीक्षा शुरू हो चुकी है। एक ओर प्रत्याशी मतदाताओं के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के दावे कर रहा है। लेकिन मंगलवार को हुए एक निरीक्षण ने इन दावों की जमीनी सच्चाई को सामने ला दिया।

वार्ड संख्या 25 से 36 के रिटर्निंग ऑफिसर एवं सारवां बीडीओ रजनीश कुमार ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान मतदान कर्मियों, सुरक्षा बलों और मतदाताओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य स्पष्ट था—मतदान के दिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो।

 

निरीक्षण के दौरान बीएलओ को सख्त निर्देश, समय सीमा तय

निरीक्षण के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने बूथ लेवल ऑफिसरों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाएं। इनमें बिजली, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप और सुरक्षा बलों के लिए पर्याप्त स्थान शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र का आधार है। यदि मतदाता को बूथ पर असुविधा होती है, तो इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और चुनाव की विश्वसनीयता पर पड़ता है। इसी तरह मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को भी अनुकूल वातावरण देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ मतदान केंद्रों पर अब तक केवल कागजी तैयारी ही पूरी हुई है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अधूरी हैं। रिटर्निंग ऑफिसर ने अधिकारियों को चेताया कि अंतिम समय में की गई हड़बड़ी से अव्यवस्था और बढ़ सकती है।

 

वार्ड 26 का रामपुर बूथ: अव्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली स्थिति वार्ड संख्या 26 के रामपुर स्थित एक मतदान केंद्र में देखने को मिली। जब निरीक्षण दल वहां पहुंचा, तो भवन की स्थिति देखकर अधिकारी भी असहज नजर आए। इस मतदान केंद्र में मात्र एक कमरा उपलब्ध है, जबकि उसमें दो बूथ संचालित किए जाने हैं।

सबसे गंभीर बात यह रही कि वहां बिजली, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद नहीं थीं। एक ही कमरे में दो बूथ होने से मतदाताओं की गोपनीयता, मतदान की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

सीमित स्थान में मतदाता, मतदान कर्मी, एजेंट और सुरक्षा बलों की आवाजाही कैसे होगी, इसका कोई ठोस जवाब मौके पर मौजूद कर्मियों के पास नहीं था। इस स्थिति पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित बीएलओ को कड़ी फटकार लगाई और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।

 

पारदर्शिता, सुरक्षा और जिम्मेदारी पर उठते सवाल

रामपुर स्थित यह मतदान केंद्र प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोर कड़ी को उजागर करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे भवन को मतदान केंद्र के रूप में चयनित करने की जिम्मेदारी किसकी है। क्या स्थल चयन से पहले भौतिक सत्यापन किया गया था, या फिर केवल फाइलों के आधार पर अनुमोदन दे दिया गया।

इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था भी एक गंभीर मुद्दा है। मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों के ठहरने, विश्राम और बैठने की व्यवस्था कहां की जाएगी, इस पर कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई। यदि मतदान के दिन भीड़ बढ़ी या किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न हुई, तो हालात संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अव्यवस्थाएं केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरे की घंटी हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो मतदाताओं का भरोसा डगमगा सकता है।

 

अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर

निरीक्षण के दौरान विजय कुमार देव, बिहारी यादव, विकास यादव, विनोद यादव सहित अन्य अधिकारी, कर्मी व मोहल्लावासी उपस्थित थे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन खामियों को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या केवल निर्देश देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाएगा या फिर दोषी अधिकारियों और कर्मियों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।

 

निष्कर्ष

देवघर नगर निगम चुनाव स्थानीय लोकतंत्र की दिशा तय करेगा। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह कागजी दावों से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत को सुधारे, ताकि मतदान निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

 

देवघर में मतदान केंद्र निरीक्षण करते रिटर्निंग ऑफिसर रजनीश कुमार

नगर निगम चुनाव से पहले मतदान केंद्रों का निरीक्षण

 

प्रश्न 1. देवघर नगर निगम चुनाव से पहले बूथों का निरीक्षण किसने किया?

उत्तर: रिटर्निंग ऑफिसर एवं सारवां बीडीओ रजनीश कुमार ने किया।

प्रश्न 2. सबसे अधिक अव्यवस्था किस वार्ड में पाई गई?

उत्तर: वार्ड नंबर 26 के रामपुर स्थित मतदान केंद्र में।

प्रश्न 3. रामपुर बूथ में क्या समस्याएं सामने आईं?

उत्तर: एक कमरे में दो बूथ, बिजली-पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव।

प्रश्न 4. अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं?

उत्तर: बीएलओ को तय समय सीमा में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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