
सत्संग एवं प्रवचन से गूंजा देवघर: साई सुरेंद्रदास जी ने दिए जीवन मूल्यों से जुड़े प्रेरक संदेश
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देवघर में साई सुरेंद्रदास जी का भव्य सत्संग एवं प्रवचन | प्रेम, सेवा और जीवन मूल्यों पर प्रेरक संदेश
देवघर के होटल बैद्यनाथ स्थित दरबार बैंक्विट में साई सुरेंद्रदास जी द्वारा आयोजित भव्य सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम में प्रेम, सेवा, करुणा, सत्य और समाजिक एकता पर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। सिंधी समाज और राजपाल परिवार द्वारा सफल आयोजन।
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देवघर, 10 दिसंबर: आध्यात्मिक तरंगों से गुंजायमान हुआ सत्संग का भव्य आयोजन
बाबा बैद्यनाथ की पावन भूमि देवघर में बुधवार को भक्ति, आध्यात्मिकता और सद्भाव से भरा एक दिव्य वातावरण देखने को मिला। होटल बैद्यनाथ के दरबार बैंक्विट हॉल (फर्स्ट फ्लोर) में पूज्य संत सतरामदास मंदिर, जगतराम दरबार (अयोध्या) से पधारे यहां के लाल साई सुरेंद्रदास जी की उपस्थिति में शानदार सत्संग और प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सिंधी समाज के सदस्य और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ, जिसके पश्चात भक्तिमय माहौल में भजन-कीर्तन और संतवाणी से पूरा परिसर भाव-विभोर हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों की अमृत वाणी को आत्मसात करते हुए गहरी आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।

संत साई सुरेंद्रदास जी ने दिए जीवन मूल्यों से जुड़े संदेश
संत साई सुरेंद्रदास जी ने अपने प्रवचन में कहा कि समाज तभी समृद्ध होता है जब उसमें प्रेम, सम्मान और सहयोग की भावना हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज के समय में व्यक्ति चारों ओर भटकाव, भ्रम और मानसिक तनाव का शिकार हो रहा है, और ऐसे में सत्संग ही वह मार्ग है जो इंसान को सही दिशा दिखाता है।
उनके प्रमुख संदेश इस प्रकार रहे:
जीवन में आध्यात्मिकता, सेवा, करुणा और सत्य का विशेष महत्व है।
समाज को मजबूत बनाने के लिए आपसी एकता और सहयोग आवश्यक है।
संत सतरामदास जी की शिक्षाएँ आज भी युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं।
सत्संग मनुष्य के भीतर संस्कार, संयम और सद्भाव का विकास करता है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों और परिवार में आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण सुनिश्चित करें। संतवाणी सुनने के दौरान लोगों ने गहरी शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक स्थिरता का अनुभव किया।
बन गया देवघर एक आध्यात्मिक केंद्र
प्रवचन के दौरान भजन-कीर्तन की धुनें पूरे हॉल में गूंजती रहीं, जिससे वातावरण में अद्भुत आध्यात्मिक शक्ति का संचार हुआ। श्रद्धालुओं ने देर रात तक साई सुरेंद्रदास जी की वाणी को सुना और भाव-विभोर होते रहे। सत्संग के प्रत्येक क्षण ने लोगों को मन की अशांति से दूर कर आत्मिक आनंद से भर दिया।
राजपाल परिवार और सिंधी समाज की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में जितेश राजपाल, मुरलीधर राजपाल, अजी हरनानी, मुरली पाहुजा, रजनी हरनानी, मीरा राजपाल, रिचा राजपाल, ओहाना राजपाल, मानवी राजपाल तथा पूरे राजपाल परिवार की अहम भूमिका रही। इसके साथ ही समस्त सिंधी समाज और स्थानीय प्रबुद्ध जनों के सहयोग से कार्यक्रम अत्यंत गरिमापूर्ण रहा।
आयोजकों ने बताया कि साई सुरेंद्रदास जी का देवघर आगमन यहां के लिए सौभाग्य का विषय है। उनकी वाणी न केवल लोगों के जीवन में सकारात्मकता लाती है, बल्कि समाज को एकजुट रहने और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देती है।
आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहा पूरा दिन
सत्संग के प्रमुख आकर्षण:
भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियाँ
संतवाणी का दिव्य प्रवाह
आध्यात्मिक मार्गदर्शन और जीवन मूल्य
समाजिक एकता और संस्कारों पर विशेष जोर
श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण
प्रवचन के बाद सभी को प्रसाद ग्रहण कराया गया। प्रसाद वितरण के दौरान भी लोगों के बीच सौहार्द और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला।
समाज में एकता और आध्यात्मिक चेतना को मिला नया आयाम
कार्यक्रम के अंत में सिंधी समाज एवं राजपाल परिवार ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने भी इस आयोजन को यादगार बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए, ताकि समाज में आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों की निरंतरता बनी रहे।
देवघर में आयोजित यह सत्संग न केवल धार्मिक महत्व का रहा, बल्कि समाजिक एकजुटता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला आयोजन भी साबित हुआ। बुधवार का यह दिन श्रद्धालुओं के लिए पूर्णत: भक्तिमय, प्रेरणादायी और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।










