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देवघर में शीत लहर व वायु प्रदूषण से बचाव हेतु जागरूकता कार्यशाला एवं रैली का आयोजन | 08 दिसंबर 2025
देवघर में 08 दिसंबर 2025 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा शीत लहर और वायु प्रदूषण से बचाव पर जागरूकता कार्यशाला एवं प्रभात फेरी रैली का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. जुगल किशोर और डॉ. पी.के. स्वाइन सहित कई अधिकारियों ने स्वास्थ्य व पशु सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
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शीत लहर व वायु प्रदूषण से बचाव हेतु जागरूकता कार्यशाला सह रैली का सफल आयोजन
देवघर। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर शीत लहर (Cold Wave) और वायु प्रदूषण (Air Pollution) से बचाव को लेकर जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इसी क्रम में 08 दिसंबर 2025 को सदर अस्पताल सभागार में एक व्यापक जागरूकता कार्यशाला और प्रभात फेरी रैली का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को मौसम में बदलाव के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव और प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. यूगल किशोर चौधरी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. पी. के. स्वाइन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदाधिकारी, चिकित्सक, सहिया, स्वास्थ्यकर्मी तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।
शीत लहर के दौरान स्वास्थ्य जोखिम और बचाव पर मार्गदर्शन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. यूगल किशोर चौधरी ने कहा कि शीत लहर के दौरान स्वास्थ्य जोखिम काफी बढ़ जाते हैं, विशेषकर—
हाइपोथर्मिया
फ्लू
निमोनिया
श्वसन संबंधी संक्रमण
हार्ट अटैक का खतरा
उन्होंने बताया कि ठंड का प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों पर अधिक पड़ता है। इसलिए इन वर्गों की अतिरिक्त देखभाल अत्यंत आवश्यक है।
सिविल सर्जन द्वारा बताए गए महत्वपूर्ण सुझाव:
शरीर को गर्म रखने के लिए गरम कपड़े, टोपी, मफलर, दस्ताने का उपयोग
घर को गर्म रखने की व्यवस्था
रात में तापमान गिरने के दौरान विशेष सावधानी
अत्यधिक ठंड में सुबह-शाम बाहर निकलने से बचना
श्वसन रोगियों के लिए मास्क का उपयोग
ठंड के शुरुआती लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श
उन्होंने यह भी बताया कि लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण दमा, एलर्जी, सीओपीडी, हृदय रोग जैसे खतरों को और बढ़ा देता है। इसलिए AQI के अनुसार सावधानी रखना जरूरी है।
पशुओं को शीत लहर और प्रदूषण से बचाने पर विस्तृत जानकारी
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. पी. के. स्वाइन ने पशुपालकों को सावधान करते हुए कहा कि शीत लहर का प्रभाव केवल मनुष्यों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी गंभीर रूप से पड़ता है।
डॉ. स्वाइन द्वारा बताए गए पशु सुरक्षा उपाय:
शीत लहर से बचाव के लिए—
पशुओं को गर्म एवं हवा-रहित स्थान में रखना
पशु शेड में तिरपाल, भूसा, बोरी, खड़हल का उपयोग
नवजात बछड़ों को अतिरिक्त गर्म रखने की व्यवस्था
ठंडे पानी के स्थान पर हल्का गुनगुना पानी देना
ऊर्जा युक्त भोजन और पर्याप्त सूखा चारा उपलब्ध कराना
वायु प्रदूषण से बचाव के लिए—
धूल, धुआं, धुएँदार वातावरण से दूर रखना
पशु शेड की नियमित सफाई
उचित वेंटिलेशन
विटामिन एवं खनिज मिश्रण से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना
खांसी, सांस लेने में दिक्कत या आंखों में जलन होने पर तुरंत पशु चिकित्सक से परामर्श
उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव और प्रदूषित हवा से पशुओं में रोग बढ़ सकते हैं, इसलिए समय पर सावधानी अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
1. शीत लहर से बचाव
गरम कपड़े, दुपट्टा, टोपी, मोजे का उपयोग
बुजुर्गों और बच्चों पर विशेष ध्यान
घर के कमरों को बंद रखकर गर्म रखना
कुपोषित और कमजोर लोगों के लिए पौष्टिक भोजन
2. वायु प्रदूषण से बचाव
मास्क का उपयोग
सुबह-शाम धुंध और स्मॉग के समय बाहर निकलने से परहेज
घरों में वेंटिलेशन की व्यवस्था
AQI की नियमित जानकारी रखना
प्रदूषण बढ़ने वाले दिनों में अतिरिक्त सावधानी
3. स्वास्थ्य असुविधा होने पर तुरंत संपर्क
नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र
प्राथमिक चिकित्सा
श्वसन संबंधी दिक्कत पर तत्काल परामर्श
जागरूकता प्रभात फेरी (रैली) आयोजित
कार्यशाला से पहले स्वास्थ्य कर्मियों, सहिया, एनजीओ प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सहभागिता से एक जागरूकता प्रभात फेरी निकाली गई। इस रैली में लोगों ने विभिन्न नारों के माध्यम से जनसंदेश दिए:
“शीत लहर से सावधान रहें – सुरक्षित रहें”
“स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन”
“प्रदूषण मुक्त वातावरण – सबकी जिम्मेदारी”
रैली का उद्देश्य लोगों को मौसम और प्रदूषण के बढ़ते खतरे के प्रति सचेत करना तथा स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
जिला महामारी विशेषज्ञ की महत्वपूर्ण जानकारी
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. मनीष शेखर ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव और वायु गुणवत्ता में गिरावट का सीधा प्रभाव जनस्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा—
अचानक ठंड बढ़ने से संक्रमण तेजी से फैलते हैं
AQI खराब होने पर सांस संबंधी रोगों में वृद्धि
ऐसे समय में जागरूकता ही सर्वोत्तम बचाव
उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में भी इसी तरह की जनजागरूकता गतिविधियाँ जारी रखेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
डॉ. युगल किशोर चौधरी — सिविल सर्जन, देवघर
डॉ. पी. के. स्वाइन — जिला पशुपालन पदाधिकारी
डॉ. मनीष शेखर — जिला महामारी विशेषज्ञ
डॉ. संचयन — जिला यक्ष्मा पदाधिकारी
डॉ. पी.के. शर्मा — उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
डीपीएम नीरज भगत
डीपीसी प्रवीण सिंह
डीडीएम पोखराज
राजीव कुमार, राजेश राय, शंकर दयाल, कासिम अंसारी
नोडल सीएचओ, शहरी सहिया टीम
सभी ने मिलकर शीत लहर व वायु प्रदूषण से बचाव हेतु व्यापक जागरूकता को अत्यंत आवश्यक बताया।
निष्कर्ष
इस जागरूकता कार्यशाला एवं रैली ने आमजन को शीत लहर के खतरों और वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी न केवल व्यक्तिगत स्तर पर उपयोगी है बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग ने आगे भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते आवश्यक सावधानियाँ अपना सकें।











