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देवघर में बढ़ते साइबर अपराध पर सख्त हुए एसपी सौरभ, साइबर थाना में समीक्षा बैठक कर दिए कड़े निर्देश
देवघर एसपी सौरभ ने साइबर थाना में समीक्षा बैठक कर पिछले 5 वर्षों के साइबर अपराधियों के सत्यापन, संपत्ति जब्ती और निगरानी के निर्देश दिए।
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देवघर में बढ़ते साइबर अपराध पर सख्त हुए एसपी सौरभ, साइबर थाना में की समीक्षा बैठक
देवघर। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से देवघर पुलिस सक्रिय मोड में दिखाई दे रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक सौरभ गुरुवार, दिनांक 04 दिसंबर 2025 को साइबर थाना, देवघर पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध), थाना प्रभारी तथा साइबर थाना में तैनात पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक में जिले से जुड़े साइबर अपराध के बढ़ते मामलों, पिछले वर्षों के लंबित प्रकरणों, संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों, बैंकिंग धोखाधड़ी और तकनीकी निगरानी व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। एसपी ने स्पष्ट कहा कि साइबर अपराध पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए जमीनी स्तर पर सख्त और संगठित प्रयास आवश्यक हैं।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश — विस्तृत विवरण
1. पिछले 5 वर्षों के सभी आरोपित साइबर अपराधियों का भौतिक सत्यापन
एसपी सौरभ ने निर्देश दिया कि पिछले पांच वर्षों में दर्ज साइबर अपराध मामलों में जिन व्यक्तियों का नाम आरोपित के रूप में सामने आया है, उनका घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए। सत्यापन के दौरान संदिग्धों की गतिविधियों, मोबाइल एवं बैंकिंग ट्रांजैक्शन, वर्तमान व्यावसायिक स्थिति और लोकेशन की जानकारी इकट्ठा करने का आदेश दिया गया।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई आरोपित लंबी अवधि तक अपने ठिकाने बदलकर पुलिस की नजर से बचते रहते हैं।
2. भारतीय दंड संहिता की धारा-107 के तहत संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
साइबर अपराध में शामिल और लगातार संदिग्ध गतिविधि में पकड़े जाने वाले लोगों पर आईपीसी धारा 107 के तहत सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इसके तहत दोषियों की संदिग्ध संपत्तियों की जांच और जब्ती प्रक्रिया भी लागू की जाएगी।
एसपी ने साफ कहा कि अवैध कमाई से अर्जित किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
3. अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर अपराधियों का सत्यापन
देवघर का नाम देशभर में साइबर फ्रॉड के हॉटस्पॉट के रूप में उभरता रहा है। इसको देखते हुए अन्य राज्यों—विशेषकर बिहार, यूपी, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कई राज्यों से प्राप्त इनपुट्स के आधार पर संदिग्ध साइबर अपराधियों के इंटर-स्टेट वेरिफिकेशन का निर्देश दिया गया।
4. सिम कार्ड और बैंक खाता प्रदाताओं की विशेष निगरानी
एसपी ने कहा कि अधिकतर साइबर अपराध फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए ऐसे KYC संदेह वाले खातों और सिम प्रदाताओं पर विशेष निगरानी रखी जाए।
इसके लिए एक विशेष सूचना संकलन टीम गठित कर कार्रवाई का आदेश जारी किया गया।
5. साइबर प्रभावित क्षेत्रों में T.O.P. की स्थापना
देवघर जिले के कुछ इलाके साइबर अपराध की दृष्टि से संवेदनशील हैं। वहां Tactical Operational Points (TOPs) की स्थापना और सक्रियता बढ़ाने को कहा गया ताकि इन क्षेत्रों में पुलिस की त्वरित उपस्थिति और दबिश सुनिश्चित हो सके।
6. आरोपितों के खिलाफ थाना हाजीरी / CCA प्रस्ताव
बार-बार साइबर अपराध में पकड़े जाने वाले आरोपितों और संदिग्धों पर थाना हाजीरी या CCA (Crime Control Act) के तहत प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया गया।
इससे अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा और वे पुन: अपराध की ओर कदम बढ़ाने से बचेंगे।
7. CSP/Post Office संचालकों के साथ समन्वय बैठक
साइबर धोखाधड़ी के कई मामलों में पोस्ट ऑफिस या CSP (Customer Service Point) के माध्यम से किए गए संदिग्ध लेनदेन सामने आते हैं।
इसको देखते हुए एसपी ने निर्देश दिया कि ऐसे केंद्रों के संचालकों के साथ नियमित बैठकें कर उन्हें जागरूक किया जाए।
8. साइबर प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
साइबर अपराध को रोकने में जनजागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है।
इसलिए स्कूल, कॉलेज, पंचायत भवन, बाजार इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में लगातार जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
इसमें विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर जोर दिया जाएगा—
OTP/लिंक शेयर न करना
ऑनलाइन लोन ऐप से बचना
फर्जी कस्टमर केयर नंबरों की पहचान
ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी
फर्जी नौकरी/लॉटरी स्कैम से सतर्कता
📰 एसपी सौरभ का स्पष्ट संदेश — “साइबर अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”
बैठक के अंत में एसपी सौरभ ने पदाधिकारियों को चेताया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा—
> “देवघर पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराध को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए टीम वर्क, तकनीकी दक्षता और सख्त कार्रवाई—तीनों का संतुलित उपयोग अनिवार्य है।”
संक्षेप में—इस बैठक से जिले में साइबर अपराध नियंत्रण को गति मिलने की उम्मीद
इस बैठक से साफ है कि देवघर पुलिस अब साइबर अपराधियों पर व्यापक और बहुस्तरीय रणनीति के तहत कार्रवाई करने जा रही है।
भौतिक सत्यापन से लेकर संपत्ति जब्ती और जागरूकता अभियान तक—हर स्तर पर काम तेज होने वाला है।
अधिकारियों का मानना है कि इन निर्देशों के बाद जिले में सक्रिय साइबर अपराध के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार पड़ेगा।










