
✅ /ati-rudra-mahayagya-deoghar-chaturth-diwas-divyata-bhakti-ka-mahamilap
अति रुद्र महायज्ञ से दिव्यता, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ देवघर, चतुर्थ दिवस पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
देवघर में अति रुद्र महायज्ञ के चतुर्थ दिवस पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सांसद डॉ. निशिकांत दुबे हुए शामिल, भागवत कथा में ‘बावन अवतार’ की प्रस्तुति।
अति रुद्र महायज्ञ देवघर
भागवत कथा देवघर
देवघर धार्मिक कार्यक्रम
निशिकांत दुबे देवघर
बावन अवतार कथा
धार्मिक कार्यक्रम झारखंड
देवघर आध्यात्मिक आयोजन
⭐ देवघर में अति रुद्र महायज्ञ का दिव्य आयोजन, चतुर्थ दिवस बना भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र
देवघर। देवी संपत मंडल के तत्वाधान में आयोजित नौ दिवसीय अति रुद्र महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस शनिवार को देवघर की पवित्र धरती पर ऐसा दिव्य वातावरण लेकर आया, जिसमें पूरा शहर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। सुबह होते ही नगर में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और हवन कुंडों से उठती पवित्र आहुतियों की सुगंध ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक माहौल से भर दिया।
बाबा बैद्यनाथ धाम की पावन नगरी में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आज के आयोजन को विशेष और ऐतिहासिक बना दिया। शहर की गलियों, मार्गों और यज्ञ मंडप तक हर ओर श्रद्धा, भक्ति और जयघोष — ‘हर हर महादेव’, ‘राधे-राधे’, ‘जय श्रीराम’, ‘जय श्रीकृष्ण’ — गूंजते रहे।
108 हवन-कुंडों में वैदिक अनुष्ठान, बना अद्भुत दृश्य
चतुर्थ दिवस की शुरुआत वैदिक ऋषि परंपरा के अनुरूप की गई। विशाल यज्ञ मंडप में बनाए गए 108 हवन-कुंडों पर ब्राह्मणों द्वारा आहुतियाँ प्रदान की गईं, जिससे वातावरण में उठती हवि की सुगंध और धुएँ का अद्भुत मिश्रण श्रद्धालुओं के लिए अलौकिक अनुभव लेकर आया।
पूरे परिसर में विद्यमान शांतिपूर्ण और ऊर्जावान वातावरण ने सभी को आध्यात्मिक जगत से जोड़ दिया।
देशभर से आए संतों, महामंडलेश्वरों और वैदिक विद्वानों की मौजूदगी ने आयोजन को गरिमापूर्ण बना दिया।

प्रमुख संतों व महामंडलेश्वरों की उपस्थिति
कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित संतों ने अपने आशीर्वचनों से श्रद्धालुओं को धन्य किया। इनमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 108 विशेश्वरानंद भारती जी महाराज
शांति कुटिया आश्रम, अमरकंटक के महंत स्वामी राम भूषण दास जी महाराज
महामंडलेश्वर स्वामी आनंद चैतन्य जी महाराज
महामंडलेश्वर स्वामी पंचमानंद जी महाराज
स्वामी ज्योतिर्मयानंद जी महाराज
स्वामी विवेकानंद जी महाराज
सभी संतों ने धर्म, सत्य, सेवा, मानवता और भक्ति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अति रुद्र महायज्ञ विश्व शांति तथा समाज कल्याण का अद्वितीय माध्यम है।
मंच संचालन स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती एवं आचार्य शुभेष शर्मा द्वारा गरिमापूर्ण ढंग से किया गया।
भागवत कथा में ‘बावन अवतार’ की मनोहारी प्रस्तुति
दिल्ली से पधारे प्रसिद्ध भागवत कथावाचक पंडित रामाकांत मिश्र ने शनिवार को कथा का अत्यंत रोमांचक और आध्यात्मिक स्वरूप प्रस्तुत किया। उन्होंने श्रीहरि विष्णु के ‘बावन अवतार’ की मनमोहक कथा सुनाई।
उनकी मधुर वाणी, भावपूर्ण उच्चारण, और आध्यात्मिक व्याख्याएँ कथा-प्रशाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो गईं।
कथा के दौरान प्रस्तुत दिव्य झांकी और श्रीकृष्ण लीलाओं का वर्णन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने की यज्ञ मंडप की परिक्रमा
शनिवार के अनुष्ठान में गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे भी शामिल हुए।
उन्होंने—
यज्ञ मंडप की परिक्रमा की
व्यास गद्दी का दर्शन किया
कथावाचक पंडित रामाकांत मिश्र से आशीर्वाद ग्रहण किया
स्वामी हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज से विशेष भेंट की
महाराज ने उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
डॉ. दुबे ने कहा—
“देवघर धर्म, आस्था और अध्यात्म की नगरी है। अति रुद्र महायज्ञ सनातन संस्कृति की शक्ति का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।”

शाम को भजन गायक मनोज अजीत ने बांधा समा
देर शाम प्रसिद्ध भजन गायक मनोज अजीत और उनकी टीम ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया।
भजन-कीर्तन के दौरान पूरा परिसर एक आध्यात्मिक रंग में रंग उठा।
श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया।
महिलाओं की विशाल उपस्थिति रही विशेष आकर्षण
आज के आयोजन की मुख्य विशेषताओं में महिलाओं की भारी संख्या में उपस्थिति प्रमुख रही।
सिंदूर से सजे माथे, पूजा की थालियाँ, पारंपरिक परिधान और भक्ति से भरे चेहरे—
इन सबने यज्ञ स्थल को आध्यात्मिकता के रंगों से रंग दिया।
महिलाएँ पूरे दिन भजन-कीर्तन में लीन रहीं, जिससे कार्यक्रम में जीवंत ऊर्जा का संचार होता रहा।
मुख्यमंत्री व राज्यपाल के आने की संभावना
आयोजन समिति के अनुसार आगामी दिनों में—
देशभर के प्रमुख संत
महामंडलेश्वर
वैदिक विद्वान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार
देवघर पहुंच सकते हैं।
श्रद्धालु आगामी दिनों के दिव्य प्रसंगों के लिए उत्सुक हैं।

देवघर बना धर्म, वैदिक परंपरा और भक्ति का केंद्र
पूरा देवघर इन दिनों वैदिक परंपरा, भक्ति और दिव्यता के अद्भुत संगम में डूब चुका है।
शहर का हर कोना आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रज्वलित प्रतीत हो रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह आयोजन देवघर के इतिहास का सबसे भव्य धार्मिक कार्यक्रम है।
आयोजन को सफल बनाने वाली समिति
महायज्ञ को सफल बनाने में जिन सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
डॉ. गिरधारी अग्रवाल (मुख्य सलाहकार)
प्रेम कुमार सिंघानिया (संयोजक)
राजेश सतनालीवाला (मुख्य यजमान)
विनोद कुमार सुल्तानिया (अध्यक्ष)
रमेश कुमार बाजला (महामंत्री)
सीए गोपाल चौधरी (कोषाध्यक्ष)
पंकज कुमार पचेरीवाला (प्रचार प्रसार प्रमुख)
रोहित सुल्तानिया, बजरंग बथवाल
संजय बाजला, हरीश तोलासरिया
अक्षत सिंघानिया, प्रत्यूष सुल्तानिया
कृष्ण सुल्तानिया, अनिल टेकरीवाल
दिलीप सिंघानिया, पवन गर्ग
सुनील मोदी, संगीता मोदी,
गुड्डू बंका, शिव कुमार सर्राफ एवं अन्य सदस्य
मुख्य सलाहकार डॉ. गिरधारी अग्रवाल ने कहा—
“अति रुद्र महायज्ञ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व-शांति और मानवता के उत्थान का संदेश है।”
कल का कार्यक्रम
रविवार को प्रातःकाल—
यज्ञ मंडप में विशेष आहुति
परिक्रमा
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य प्रसंग
दिव्य झांकी
शाम 7 बजे कथक नृत्यांगना बसंती वैष्णव की प्रस्तुति
अति रुद्र महायज्ञ—भक्ति, अध्यात्म और वैदिक परंपरा का विराट संगम
देवघर में चल रहा यह महायज्ञ आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।
चतुर्थ दिवस ने सिद्ध कर दिया कि जब आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक शक्ति एक साथ प्रवाहित होती हैं, तब वातावरण दिव्यता से भर जाता है।
आने वाले दिनों में देवघर कई और दिव्य आध्यात्मिक क्षणों का साक्षी बनने जा रहा है।









