देवघर में छह दिन बाद खत्म हुई नगर निगम सफाई कर्मियों की हड़ताल, मानदेय भुगतान और ईपीएफ पर बनी सहमति

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देवघर नगर निगम में छह दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच हुई वार्ता में मानदेय भुगतान, ईपीएफ अंशदान और मानदेय वृद्धि पर सहमति बनी।

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देवघर में छह दिन बाद खत्म हुई नगर निगम सफाई कर्मियों की हड़ताल, मानदेय भुगतान और ईपीएफ पर बनी सहमति

नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई निर्णायक वार्ता, कर्मचारियों ने कार्य पर लौटने का लिया फैसला, शहर की सफाई और जनहित सेवाएं होंगी बहाल

News Desk | Deoghar | 15 June 2026


नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त होने की घोषणा।

देवघर नगर निगम में पिछले छह दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। नगर निगम प्रशासन और झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के बीच हुई महत्वपूर्ण वार्ता के बाद कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनने से गतिरोध खत्म हो गया। इसके साथ ही कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटकर नगर निगम की सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने का निर्णय लिया।

हड़ताल समाप्त होने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से सफाई व्यवस्था सहित कई जनहित सेवाएं प्रभावित हो रही थीं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संगठन दोनों ने मिलकर सेवाओं को जल्द से जल्द पटरी पर लाने का भरोसा दिया है।

नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक

नगर निगम कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार हड़ताल समाप्त कराने के उद्देश्य से नगर आयुक्त रोहित कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन, देवघर इकाई के अध्यक्ष संजय मंडल सहित कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान कर्मचारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे और समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनाई। लंबे समय से लंबित मुद्दों पर प्रशासन के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।

हर माह 15 तारीख तक मानदेय भुगतान का प्रयास

कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग समय पर मानदेय भुगतान की थी। इस मुद्दे पर नगर निगम प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि उपलब्ध आंतरिक राजस्व संसाधनों के आधार पर कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान प्रत्येक माह की 15 तारीख तक सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

कर्मचारी संगठनों का कहना था कि नियमित मानदेय भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बैठक में इस विषय को गंभीरता से उठाया गया और प्रशासन ने इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करने का भरोसा दिया।

ईपीएफ अंशदान के लंबित भुगतान पर बनी सहमति

वार्ता के दौरान कर्मचारियों द्वारा लंबित ईपीएफ अंशदान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नगर निगम प्रशासन ने स्वीकार किया कि इस विषय पर समाधान आवश्यक है और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों तथा राजस्व प्राप्तियों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लंबित राशि जमा कराने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में यह भी सहमति बनी कि प्रथम चरण में तीन माह के भीतर ईपीएफ अंशदान की एक महत्वपूर्ण किस्त जमा कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए प्रशासन के आश्वासन पर विश्वास जताया।

मानदेय वृद्धि की मांग पर सकारात्मक संकेत

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने मानदेय वृद्धि की मांग भी प्रमुखता से उठाई थी। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन ने कहा कि श्रम विभाग, झारखंड सरकार की प्रासंगिक अधिसूचनाओं, निगम की वित्तीय स्थिति तथा उपलब्ध राजस्व स्रोतों का अध्ययन करने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

प्रशासन ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और नियमों के अनुरूप सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। इससे कर्मचारियों के बीच भविष्य को लेकर आशा की स्थिति बनी है।

पहले ही भेजा गया था वार्ता का आमंत्रण

हड़ताल समाप्त कराने के लिए नगर निगम प्रशासन ने पहले से पहल करते हुए कर्मचारी संघ को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। नगर निगम द्वारा जारी पत्र में झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष संजय मंडल को 15 जून को नगर निगम कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया गया था।

प्रशासन का उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाधान निकालना था। इसी बैठक में दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए सहमति बनाई और लंबे समय से चल रहे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सका।

सफाई व्यवस्था और जनहित सेवाओं को मिलेगी रफ्तार

हड़ताल समाप्त होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से तत्काल प्रभाव से कार्य पर लौटने की अपील की है। विशेष रूप से शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव, सार्वजनिक स्वच्छता और अन्य जनहित सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने की योजना बनाई गई है।

नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि कर्मचारियों के कार्य पर लौटने के बाद कुछ ही दिनों में शहर की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। नागरिकों को भी इससे बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

कर्मचारियों ने भी दिया सहयोग का भरोसा

बैठक के दौरान कर्मचारी प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि भविष्य में समस्याओं के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाएगा। साथ ही बिना सक्षम अनुमति के कार्य बाधित करने या हड़ताल जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होने देने का भी आश्वासन दिया गया।

दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने से भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी और जनहित सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

शहरवासियों को मिली बड़ी राहत

छह दिनों से चल रही हड़ताल के कारण नगर निगम की कई सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। खासकर सफाई व्यवस्था को लेकर आम लोगों में चिंता बढ़ रही थी। ऐसे में प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच बनी सहमति को शहर के लिए एक सकारात्मक और राहतभरी खबर माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन अपने आश्वासनों को समयबद्ध तरीके से लागू करता है और कर्मचारी भी सहयोग की भावना बनाए रखते हैं, तो नगर निगम की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी हो सकती है।

निष्कर्ष

देवघर नगर निगम में छह दिनों से जारी हड़ताल का समाप्त होना प्रशासन, कर्मचारियों और आम जनता तीनों के लिए राहत भरी खबर है। मानदेय भुगतान, ईपीएफ अंशदान और मानदेय वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बनी सहमति ने गतिरोध समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि बैठक में हुए निर्णयों को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।

 

Q1. देवघर नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल कब समाप्त हुई?

A. 15 जून 2026 को नगर निगम प्रशासन और कर्मचारी संघ के बीच हुई वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त हुई।

Q2. हड़ताल कितने दिनों तक चली?

A. हड़ताल लगभग छह दिनों तक चली।

Q3. कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या थीं?

A. समय पर मानदेय भुगतान, लंबित ईपीएफ अंशदान जमा कराना और मानदेय वृद्धि प्रमुख मांगों में शामिल थीं।

Q4. ईपीएफ अंशदान को लेकर क्या निर्णय हुआ?

A. नगर निगम प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से लंबित ईपीएफ राशि जमा कराने तथा तीन माह के भीतर पहली किस्त जमा करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है।

Q5. हड़ताल समाप्त होने से कौन-कौन सी सेवाएं बहाल होंगी?

A. सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव, स्वच्छता सेवाएं तथा अन्य नगर निगम की जनहित सेवाएं सामान्य रूप से बहाल होंगी।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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