देवघर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधी गिरफ्तार

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देवघर साइबर थाना पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर और ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और नकदी बरामद हुई।

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देवघर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को ठगने वाले तीन अपराधी गिरफ्तार

Flipkart, Amazon, PhonePe, Paytm और Airtel Payment Bank के नाम पर रचते थे ठगी का जाल, मोबाइल-सिम और डेबिट कार्ड बरामद

संवाददाता | देवघर | 04 जून 2026

देवघर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन और पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये अपराधी विभिन्न कंपनियों और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधी लंबे समय से फर्जी कस्टमर केयर सेवाओं के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे थे। प्रारंभिक जांच में कई साइबर अपराधों से इनके संबंध सामने आए हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी तलाश कर रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

साइबर थाना को प्राप्त सूचना के अनुसार देवघर जिले के कुछ क्षेत्रों में सक्रिय साइबर अपराधी फर्जी तरीके से Flipkart, Amazon, PhonePe, Paytm, Airtel Payment Bank तथा अन्य ऑनलाइन सेवाओं के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क कर रहे थे। ये अपराधी खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उपभोक्ताओं का विश्वास जीतते थे और फिर तकनीकी सहायता, रिफंड, केवाईसी अपडेट या अन्य बहानों से बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे।

इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और ऋण दिलाने के नाम पर फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन वेबसाइटों के माध्यम से लोगों से व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी ली जाती थी, जिसके बाद उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था।

सूचना की पुष्टि होने के बाद साइबर थाना की टीम ने छापेमारी अभियान चलाया और तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपित देवघर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं।

गिरफ्तार आरोपितों में शामिल हैं—

  • संतोष कुमार दास (36 वर्ष), थाना करौं, जिला देवघर
  • संजय कुमार दास (22 वर्ष), थाना करौं, जिला देवघर
  • सुमन कुमार दास (22 वर्ष), थाना मधुपुर, जिला देवघर

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तीनों का आपराधिक इतिहास फिलहाल शून्य बताया गया है। हालांकि साइबर गतिविधियों के संबंध में विस्तृत जांच जारी है।

ऐसे करते थे लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी

जांच में सामने आया है कि आरोपित Google Pay, PhonePe, Paytm, IRCTC तथा अन्य डिजिटल सेवाओं के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। कई बार ये इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर भी उपलब्ध करा देते थे ताकि जरूरतमंद लोग स्वयं इनके संपर्क में आ जाएं।

इसके बाद उपभोक्ताओं को तकनीकी सहायता देने का भरोसा दिलाकर उनसे AnyDesk, QuickSupport या अन्य रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन डाउनलोड करवाए जाते थे। कई मामलों में कार्ड डिटेल, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी लेकर खातों से धनराशि निकाल ली जाती थी।

पुलिस के अनुसार Airtel Payment Bank के अधिकारी बनकर भी लोगों को निशाना बनाया जाता था। आरोपित ग्राहकों को Airtel Thanks App या अन्य सेवाओं के नाम पर भ्रमित करते थे और फिर उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ

गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से साइबर अपराध में किया जा रहा था।

बरामद सामान में शामिल हैं—

  • 04 मोबाइल फोन
  • 03 सिम कार्ड
  • 05 डेबिट कार्ड
  • 3000 रुपये नकद

पुलिस ने बरामद उपकरणों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोबाइल फोन और सिम कार्ड से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है।

साइबर अपराध पर लगातार कार्रवाई कर रही है देवघर पुलिस

देवघर पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले के विभिन्न इलाकों में सक्रिय साइबर गिरोहों के खिलाफ समय-समय पर छापेमारी कर गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

देवघर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ही प्राप्त करें।

यदि कोई व्यक्ति फोन पर बैंकिंग जानकारी मांगता है या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने को कहता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना पुलिस को दें।

साइबर अपराध की शिकायत कहां करें

साइबर अपराध से संबंधित शिकायत के लिए नागरिक निम्न माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं—

  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर : 1930
  • साइबर क्राइम पोर्टल : www.cybercrime.gov.in
  • स्थानीय साइबर थाना, देवघर

निष्कर्ष

देवघर साइबर थाना द्वारा तीन साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। फर्जी कस्टमर केयर और ऑनलाइन ठगी के माध्यम से लोगों को निशाना बनाने वाले इन अपराधियों की गिरफ्तारी से पुलिस को साइबर नेटवर्क के कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। वहीं आम लोगों के लिए यह मामला एक चेतावनी भी है कि डिजिटल दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।

 

Q1. देवघर में कितने साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए?

A. देवघर साइबर थाना पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

Q2. आरोपित किस प्रकार की ठगी करते थे?

A. वे फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से बैंकिंग और डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी हासिल करते थे।

Q3. पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

A. पुलिस ने 4 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड, 5 डेबिट कार्ड और 3000 रुपये नकद बरामद किए हैं।

Q4. साइबर अपराध की शिकायत कहां की जा सकती है?

A. राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, साइबर क्राइम पोर्टल और स्थानीय साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

Q5. साइबर ठगी से बचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

A. किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक विवरण साझा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही कस्टमर केयर नंबर प्राप्त करें।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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