इतिहास में पहली बार लैप्रोस्कोपिक विधि से सदर अस्पताल में किया गया आपरेशन

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इतिहास में पहली बार लैप्रोस्कोपिक विधि से सदर अस्पताल में किया गया आपरेशन 

सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी व उपाधीक्षक डॉ प्रभात रंजन की प्रेरणा बनी डॉ रवि कुमार की शक्ति 

देवघर। शनिवार को सदर अस्पताल देवघर के इतिहास में पहली बार लैप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी किया गया। सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी द्वारा कुछ दिन पूर्व एक समीक्षा बैठक में सर्जन से उन्होंने कहा था कि आप अपने क्लीनिक से अत्याधुनिक उपकरण ला कर भी सदर अस्पताल में गरीब मरीजों का सर्जरी कीजिए। उसके बाद से उपाधीक्षक डॉ प्रभात रंजन द्वारा भी सदर अस्पताल के सर्जन से बार बार ऐसे कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाने लगा।इन दोनों अधिकारियों की प्रेरणा से प्रफुल्लित होकर सदर अस्पताल के डॉ रवि कुमार सर्जन और डॉ निताशा एनेस्थेटिस्ट द्वारा एक आयुष्मान कार्डधारी दुमका जिले की रहने वाली मरीज गेंधारी देवी 47 वर्ष का लैप्रोस्कोपिक विधि से सफल  आपरेशन किया गया। महिला मरीज के पित्त की थैली में पथरी था और सूजन भी था। महिला मरीज काफी दिनों से पेट की दर्द से परेशान रहती थी। इस ऑपरेशन में अलका कुमारी स्टाफ नर्स, सुनीता कुमारी, पूजा कुमारी, ठाकुर, प्रणय, एवं देवकी देवी शामिल थी।

इस अत्याधुनिक विधि से सफल ऑपरेशन के संबंध में पूरी जानकारी सदर अस्पताल के प्रशासनिक प्रभारी डॉ शरद कुमार द्वारा दिया गया। साथ ही उन्होंने डॉ रवि कुमार एवं डॉ निताशा सहित पूरे ओटी टीम को बधाई भी दिया। डॉ शरद कुमार ने कहा कि सिविल सर्जन डॉ युगल किशोर चौधरी और उपाधीक्षक डॉ प्रभात रंजन के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर हो इसकी पूरी उम्मीद है।

Baba Wani
Author: Baba Wani

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