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देवघर पहली सोमवारी 2026
देवघर में पहली सोमवारी पर उमड़ा आस्था का महासैलाब, नंदन पहाड़ तक पहुंची श्रद्धालुओं की कतार
श्रावण मास की पहली सोमवारी पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। नंदन पहाड़ तक पहुंची कतार, सुबह 4:10 बजे शुरू हुआ जलार्पण, प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था।
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सुनील झा : देवघर : 03 अगस्त 2026
03 अगस्त 2026, 01:30 PM IST
03 अगस्त 2026, 02:15 PM IST
6 मिनट
पहली सोमवारी पर शिवमय हुआ देवघर, नंदन पहाड़ तक पहुंची श्रद्धालुओं की कतार
रातभर कतार में डटे रहे लाखों शिवभक्त, सुबह 4:10 बजे पट खुलते ही शुरू हुआ जलार्पण; प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं ने संभाली व्यवस्था

पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, नंदन पहाड़ तक पहुंची कतार।
श्रावण मास की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए उमड़ा आस्था का जनसैलाब।
- पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब।
- शिवराम झा चौक से नंदन पहाड़ तक पहुंची श्रद्धालुओं की कतार।
- सुबह 4:10 बजे मंदिर का पट खुलते ही शुरू हुआ जलाभिषेक।
- करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना।
- उपायुक्त सौरभ भुवानियां ने देर रात बुलेट बाइक से रूट लाइन का किया निरीक्षण।
- समाजसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह लगाया सेवा शिविर।
देवघर में पहली सोमवारी पर आस्था का अद्भुत संगम
श्रावण मास की पहली सोमवारी पर विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम सोमवार को शिवभक्ति के महासागर में डूबा नजर आया। चारों ओर गूंजते ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच लाखों शिवभक्तों ने मनोकामना लिंग पर गंगाजल अर्पित कर सुख, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की। पहली सोमवारी के विशेष धार्मिक महत्व के कारण रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का सैलाब बाबा मंदिर की ओर उमड़ पड़ा। देखते ही देखते श्रद्धालुओं की कतार शिवराम झा चौक से आगे बढ़ते हुए नंदन पहाड़ तक पहुंच गई। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों से पूरा देवघर शिवमय दिखाई दिया।
रातभर कतार में डटे रहे श्रद्धालु, सुबह का किया इंतजार
रविवार रात मंदिर का पट बंद होने के बाद भी श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी रहा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को निर्धारित रूट लाइन में ही रोक दिया, जहां हजारों कांवरियों और श्रद्धालुओं ने पूरी रात धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार किया। कोई भगवान शिव का भजन गा रहा था तो कोई ध्यान में लीन होकर सुबह का इंतजार कर रहा था। कई श्रद्धालु जमीन पर बैठकर विश्राम करते दिखाई दिए। पूरी रात रूट लाइन में अनुशासन, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

पट खुलते ही शुरू हुआ जलार्पण, गूंज उठा बाबा मंदिर परिसर
सोमवार तड़के सुबह 4:10 बजे बाबा मंदिर का पट खुला। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद जलार्पण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इसके साथ ही हाथों में गंगाजल और कंधों पर कांवर लिए शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बाबा मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’ के उद्घोष से गूंज उठा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का जलाभिषेक निरंतर जारी रहा।
तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जलार्पण की संभावना
जिला प्रशासन के अनुसार पहली सोमवारी पर लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने की संभावना जताई गई। भारी भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर परिसर, रूट लाइन और पूरे मेला क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। जगह-जगह दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से भीड़ पर लगातार नजर रखी जा रही थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
देशभर से पहुंचे शिवभक्त, 105 किलोमीटर की यात्रा के बाद किया जलार्पण
पहली सोमवारी के अवसर पर बिहार के पूर्णिया, भागलपुर, छपरा, किशनगंज, सिवान सहित झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और देश के कई राज्यों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे। बड़ी संख्या में कांवरियों ने सुल्तानगंज से लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जल अर्पित किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि पहली सोमवारी पर जलाभिषेक करने का विशेष धार्मिक महत्व है और इस दिन बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करते हैं।

प्रशासन पूरी तरह रहा अलर्ट, उपायुक्त ने रात में किया निरीक्षण
पहली सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आया। उपायुक्त सौरभ भुवानियां ने देर रात बुलेट मोटरसाइकिल से स्वयं रूट लाइन का निरीक्षण किया और विभिन्न पड़ावों पर तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा तथा अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार भी लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने कतार प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।
सेवा भावना का भी दिखा अनुपम उदाहरण
पहली सोमवारी के अवसर पर देवघर केवल आस्था का ही नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी केंद्र बना रहा। शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और समाजसेवियों ने कांवरियों के लिए नि:शुल्क पेयजल, शरबत, शिकंजी, फल, प्राथमिक चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और शिव आराधना का आयोजन भी किया गया, जिससे भक्तिमय वातावरण और अधिक मनोहारी बन गया।
श्रावणी मेला बना राष्ट्रीय आस्था का केंद्र
30 जुलाई से प्रारंभ हुए राजकीय श्रावणी मेले के पांचवें दिन पहली सोमवारी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा बैद्यनाथ धाम देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, प्रशासन की बेहतर व्यवस्था और समाजसेवियों की निस्वार्थ सेवा ने श्रावणी मेले की गरिमा को और बढ़ाया। देर शाम तक जलार्पण का क्रम निरंतर जारी रहा और पूरा देवघर शिवभक्ति, अनुशासन और सेवा के अद्भुत संगम का साक्षी बना।
प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
- उपायुक्त : सौरभ भुवानियां
- उप विकास आयुक्त : पीयूष सिन्हा
- अनुमंडल पदाधिकारी : रवि कुमार
- जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन के अधिकारी लगातार निगरानी में रहे।
निष्कर्ष
श्रावण मास की पहली सोमवारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं व्यवस्थित जलार्पण व्यवस्था, प्रशासन की सतर्कता और समाजसेवियों की सेवा भावना ने इस अवसर को यादगार बना दिया। आने वाली सोमवारियों में भी श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन ने अभी से व्यापक तैयारियां कर रखी हैं।
1. पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना थी?
जिला प्रशासन के अनुसार लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण करने की संभावना जताई गई थी।
2. बाबा मंदिर का पट किस समय खुला?
सोमवार सुबह 4:10 बजे मंदिर का पट खुला, जिसके बाद जलार्पण शुरू हुआ।
3. श्रद्धालुओं की कतार कहां तक पहुंची थी?
भक्तों की कतार शिवराम झा चौक से नंदन पहाड़ तक पहुंच गई थी।
4. प्रशासन ने क्या विशेष व्यवस्था की थी?
भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सीसीटीवी निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।









