देवघर विकास को मिलेगी नई रफ्तार: नंदन पहाड़ पर ग्लास ब्रिज से लेकर संग्रहालय तक बड़े प्रस्ताव

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देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत ने उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा से शहर के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्लास ब्रिज, छत्तीसी तालाब सौंदर्यीकरण और बाबा वैद्यनाथ धाम संग्रहालय सहित कई प्रस्ताव रखे।

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देवघर विकास को मिलेगी नई रफ्तार: नंदन पहाड़ पर ग्लास ब्रिज से लेकर संग्रहालय तक बड़े प्रस्ताव

महापौर रवि राउत ने उपायुक्त से मांगा सहयोग, पर्यटन और आधारभूत संरचना पर फोकस

सुनील झा | देवघर | 07 अप्रैल 2026

देवघर नगर क्षेत्र के समग्र विकास और पर्यटन को नई दिशा देने के लिए नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत ने उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा से मुलाकात कर कई अहम प्रस्तावों पर सहयोग मांगा है। इस मुलाकात में शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास, धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

महापौर द्वारा रखे गए प्रस्तावों को प्रशासन ने सकारात्मक रूप से लिया है, जिससे आने वाले समय में देवघर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद बढ़ गई है।

नंदन पहाड़ बनेगा पर्यटन का नया आकर्षण

महापौर ने नंदन पहाड़ के विकास को प्राथमिकता देते हुए वहां मौजूदा फेंसिंग की जगह पक्की चारदीवारी निर्माण का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और पर्यटकों को अधिक व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।

इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव नंदन पहाड़ पर ग्लास ब्रिज निर्माण का है। यदि यह परियोजना साकार होती है, तो यह देवघर के लिए एक बड़ा पर्यटन आकर्षण बन सकता है। ग्लास ब्रिज से पर्यटक ऊंचाई से प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव कर सकेंगे, जिससे यहां पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

महापौर ने इस क्षेत्र में शौचालय, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया, ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

छत्तीसी तालाब और हरिश्रणम कुटिया का होगा कायाकल्प

शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले छत्तीसी तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर भी महापौर ने ठोस योजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि तालाब के आसपास सफाई, लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और हरित क्षेत्र विकसित कर इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभारा जा सकता है।

वहीं हरिश्रणम कुटिया परिसर में चारदीवारी निर्माण के साथ एक सुव्यवस्थित पार्क बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया। इससे स्थानीय लोगों को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा और शहर की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।

बाबा मंदिर क्षेत्र का समग्र विकास होगा प्राथमिकता

महापौर ने बाबा वैद्यनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों के विकास को अत्यंत आवश्यक बताते हुए इसे प्राथमिकता में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सड़क, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है।

इसके अलावा, नगर क्षेत्र में स्थित पुरानी धर्मशालाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई गई। महापौर ने कहा कि कई धर्मशालाएं जर्जर हो चुकी हैं और उनके रखरखाव एवं आधुनिकीकरण की सख्त जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर ठहरने की सुविधा मिल सके।

बनेगा बाबा वैद्यनाथ धाम संग्रहालय

देवघर की पहचान को और सशक्त बनाने के लिए महापौर ने “बाबा वैद्यनाथ धाम संग्रहालय” के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। इस संग्रहालय में बाबा वैद्यनाथ की महिमा, धार्मिक परंपराएं, ऐतिहासिक संदर्भ और आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

यह संग्रहालय न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी देवघर की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।

प्रशासन का सकारात्मक रुख, जल्द दिखेगा असर

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने महापौर द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नगर निगम के साथ मिलकर विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगा।

प्रशासन का यह रुख इस बात का संकेत है कि देवघर में जल्द ही विकास कार्यों की गति तेज हो सकती है।
युवा नेतृत्व की जुगलबंदी से विकास को मिलेगी गति
देवघर में इस समय युवा प्रशासनिक टीम और नव-निर्वाचित युवा महापौर के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिल रहा है। यह समन्वय शहर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो देवघर न केवल धार्मिक बल्कि एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में भी उभर सकता है।

निष्कर्ष

महापौर रवि कुमार राउत द्वारा प्रस्तुत विकास प्रस्ताव देवघर के भविष्य के लिए एक मजबूत रोडमैप की तरह हैं। यदि प्रशासन और नगर निगम मिलकर इन योजनाओं को जमीन पर उतारते हैं, तो आने वाले वर्षों में देवघर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।

Q1. महापौर ने कौन-कौन से प्रमुख प्रस्ताव रखे?

A. नंदन पहाड़ पर ग्लास ब्रिज, छत्तीसी तालाब सौंदर्यीकरण, बाबा वैद्यनाथ धाम संग्रहालय, धर्मशालाओं का आधुनिकीकरण और बाबा मंदिर क्षेत्र का विकास

Q2. ग्लास ब्रिज बनने से क्या लाभ होगा?

A. यह देवघर का प्रमुख पर्यटन आकर्षण बनेगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

Q3. छत्तीसी तालाब के लिए क्या योजना है?

A. तालाब का सौंदर्यीकरण कर उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

Q4. प्रशासन का इस पर क्या रुख है?

A. उपायुक्त ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।

Q5. इससे स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?

A. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, शहर की सुविधाएं बेहतर होंगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

 

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Author: Baba Wani

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