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गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम, देवघर में नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ। 2100 मातृशक्ति की मंगल कलश शोभायात्रा, 20 फरवरी को मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान।
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव देवघर, 2100 मातृशक्ति कलश यात्रा, दुर्गेश आचार्य महाराज, श्रीमद्भागवत कथा देवघर, रासलीला वृंदावन, 20 फरवरी प्राण प्रतिष्ठा
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ
2100 मातृशक्ति के साथ निकली मंगल कलश शोभायात्रा, 20 फरवरी को मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान
Author: मुख्य संवाददाता
Location: देवघर
Date: 18 फरवरी 2026
विश्वशांति सद्भावना धाम देवघर में 2100 मातृशक्ति की कलश यात्रा
भक्तिमय माहौल में निकली भव्य शोभायात्रा
भक्तिमय वातावरण में हुआ भव्य शुभारंभ
देवघर के ठाढ़ीदुलमपुर स्थित गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में बुधवार से नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन सुबह 8 बजे धाम परिसर से 2100 मातृशक्ति के साथ भव्य मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया।
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में आयोजित यह महोत्सव 18 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें गंगा अष्टादश महापुराण पारायण ज्ञान यज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के पहले ही दिन हजारों की संख्या में महिला, कन्या, युवा एवं पुरुष श्रद्धालुओं की भागीदारी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

2100 मातृशक्ति के साथ भव्य मंगल कलश शोभायात्रा
शोभायात्रा धाम परिसर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण पर निकली। यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित 2100 मातृशक्ति सिर पर कलश धारण किए हुए चल रही थीं। गाजे-बाजे, घोड़ा सवार रथ, आकर्षक झांकियां, धार्मिक ध्वज एवं भक्ति गीतों से वातावरण गुंजायमान रहा।
कलश यात्रा का नेतृत्व परम सदगुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पूर्व विधायक नारायण दास सहित अनेक गणमान्य नागरिक इस भव्य आयोजन के साक्षी बने।
समिति अध्यक्ष महेश प्रसाद राय ने आगत अतिथियों एवं सहयोगियों को अंग वस्त्र और ‘राधे-राधे’ नाम पट्टिका भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन को सफल बनाने में कृष्ण कन्हैया राय, पप्पू शर्मा, अजीत राय, रणजीत झा, बबलू शर्मा, रूपेश सिंह, बबलू दास सहित अन्य सदस्य सक्रिय रहे।
वर्ष 2015 में रखी गई थी धाम की नींव
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम की स्थापना का संकल्प वर्ष 2015 में लिया गया था। परम सदगुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज के मार्गदर्शन में वर्षों के अथक प्रयास और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह भव्य धाम अब पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है।
धाम परिसर में श्री राधा-कृष्ण, मां दुर्गा की अष्टधातु की भव्य प्रतिमा एवं भगवान शिव मंदिर का निर्माण कराया गया है। इन विग्रहों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान संपन्न होगी। आयोजकों के अनुसार यह धाम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण का भी केंद्र बनेगा।
18 से 26 फरवरी तक धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला
नौ दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला निर्धारित की गई है—
प्रातः 7 बजे: नित्य पूजन, मूल पाठ एवं हवन
दोपहर 1 बजे: मंडप प्रवेश एवं व्यास-आचार्य वरण
दोपहर 1:30 बजे से शाम 6 बजे तक: श्रीमद् भागवत कथा प्रवचन
शाम 6:15 बजे: आरती एवं पुष्पांजलि
रात्रि 7:30 बजे: वृंदावन (उ.प्र.) के कलाकारों द्वारा भव्य रासलीला
प्रतिदिन रात्रि: भगवत महाप्रसाद भंडारा
कार्यक्रम में परम पूज्य कृष्ण आचार्य महाराज मुख्य संरक्षक सह कथावाचक के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि भागवत भूषण महामाया प्रसाद शास्त्री कथा वाचन करेंगे।
20 फरवरी को मुख्य प्राण प्रतिष्ठा
शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को शुभ लग्नानुसार मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न होगा। वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजन और हवन के साथ मंदिर में स्थापित विग्रहों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक समरसता का संदेश भी देगा।
समाज सेवा और सांस्कृतिक जागरण का संकल्प
धाम के माध्यम से गौ संरक्षण, गरीब परिवारों की बेटियों के कन्यादान में सहयोग, चिकित्सालय स्थापना और गुरुकुल प्रारंभ करने की योजना भी सामने रखी गई है।
परम सदगुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने कहा कि गुरुकुल प्रणाली के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासन की शिक्षा दी जाएगी। उनका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ी संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बने।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध
आयोजन समिति द्वारा बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, प्रसाद वितरण एवं सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
वार्ड संख्या 35, मां जगदंबा कॉलोनी, ठाढ़ीदुलमपुर स्थित यह धाम अब देवघर की आध्यात्मिक पहचान को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।

देवघर की आध्यात्मिक पहचान को नई दिशा
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में आयोजित यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव देवघर की धार्मिक परंपरा को सशक्त करता है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक उन्नयन का प्रतीक बनकर उभरा है।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
प्रश्न 1: गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कब तक चलेगा?
उत्तर: यह महोत्सव 18 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रश्न 2: मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान किस दिन है?
उत्तर: 20 फरवरी 2026 को शुभ लग्नानुसार मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा।
प्रश्न 3: प्रतिदिन कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित होंगे?
उत्तर: नित्य पूजन, हवन, श्रीमद् भागवत कथा, आरती, रासलीला और महाप्रसाद भंडारा का आयोजन होगा।
प्रश्न 4: क्या श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था है?
उत्तर: हां, बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है।
निष्कर्ष
गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में आयोजित नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है। 2100 मातृशक्ति की मंगल कलश शोभायात्रा ने देवघर की धार्मिक चेतना को नई ऊर्जा दी है। 20 फरवरी को होने वाला मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगा, बल्कि समाज सेवा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
(डिस्क्लेमर: यह समाचार आयोजन समिति द्वारा उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी और स्थल पर मौजूद संवाददाता के प्रत्यक्ष अवलोकन पर आधारित है।)









