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देवघर के वरिष्ठ समाजसेवी अभय सर्राफ का 78 वर्ष की उम्र में निधन। लक्ष्मी बाजार स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से अंतिम सांस। मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया, डॉ गौरव कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि।
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देवघर के वरिष्ठ समाजसेवी अभय सर्राफ का निधन, शहर में शोक की लहर
मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया व डॉ गौरव कुमार सिंह सहित गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि, पूर्व विधायक नारायण दास व सांसद निशिकांत दुबे ने दूरभाष पर जताई संवेदना
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संवाददाता | देवघर | 15 फरवरी 2026
लक्ष्मी निवास, देवघर
लक्ष्मी बाजार के समीप स्थित लक्ष्मी निवास में शोक संवेदना व्यक्त करते डॉ गौरव कुमार सिंह
अचानक हृदय गति रुकने से हुआ निधन
देवघर शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और व्यापार जगत की जानी-मानी हस्ती 78 वर्षीय अभय सर्राफ का शनिवार रात्रि लगभग 10 बजे निधन हो गया। लक्ष्मी बाजार के समीप स्थित उनके आवास ‘लक्ष्मी निवास’ में अचानक हृदय गति रुकने से उन्होंने अंतिम सांस ली।
अभय सर्राफ के निधन की खबर मिलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात तक उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।
सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अग्रणी भूमिका
अभय सर्राफ लंबे समय से देवघर के सामाजिक जीवन का सक्रिय चेहरा रहे। एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ वे सेवा कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाते थे। धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों, जरूरतमंदों की सहायता और सामुदायिक सहयोग में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।
शहर के कई सांस्कृतिक आयोजनों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। स्थानीय व्यापारिक संगठनों में भी वे मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे। समाज के हर वर्ग में उनका विशेष सम्मान था।
उनकी पहचान एक सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में थी। किसी भी सामाजिक समस्या के समाधान में वे पहल करने से पीछे नहीं हटते थे।
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लक्ष्मी निवास, देवघर
लक्ष्मी निवास देवघर में पार्थिव शरीर को नमन करती रीता चौरसिया
रीता चौरसिया और डॉ गौरव कुमार सिंह ने दी श्रद्धांजलि
देवघर नगर निगम चुनाव में मेयर पद की प्रत्याशी रीता चौरसिया ने उनके आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि अभय सर्राफ का निधन देवघर समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका सेवा भाव, सामाजिक समर्पण और सरल स्वभाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
वहीं मेयर पद के प्रत्याशी डॉ गौरव कुमार सिंह सहित कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

नारायण दास और निशिकांत दुबे ने जताई संवेदना
पूर्व विधायक नारायण दास ने लक्ष्मी निवास पहुंचकर तथा सांसद निशिकांत दुबे ने घटना की जानकारी मिलते ही दूरभाष पर परिजनों से बातचीत कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
परिवार में शोक, शहर हुआ भावुक
अभय सर्राफ अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रियां, एक पुत्र, दो भाई और दो बहन सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में शोक का माहौल है। रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना-जाना देर रात तक जारी रहा।
परिजनों के अनुसार वे परिवार के मजबूत स्तंभ थे। हर महत्वपूर्ण निर्णय में उनकी भूमिका प्रमुख रहती थी। अनुशासन, स्नेह और मार्गदर्शन से उन्होंने परिवार को सदा प्रेरित किया।
शहर के कई बुजुर्गों और व्यापारियों ने कहा कि अभय सर्राफ जैसे समाजसेवी का जाना देवघर के लिए बड़ी क्षति है।
शिवगंगा श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
रविवार को स्थानीय शिवगंगा श्मशान घाट में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ‘राम नाम सत्य है’ के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा और हर आंख नम नजर आई।
देवघर की सामाजिक और व्यापारिक दुनिया में अभय सर्राफ की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनका जीवन सेवा, सादगी और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।
अभय सर्राफ: एक प्रेरणादायी जीवन
आयु: 78 वर्ष
पहचान: वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यवसायी
निवास: लक्ष्मी बाजार, देवघर
निधन का कारण: अचानक हृदय गति रुकना
अंतिम संस्कार: शिवगंगा श्मशान घाट, देवघर
अभय सर्राफ का जीवन इस बात का उदाहरण है कि व्यापार और समाज सेवा साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी प्राथमिकता बनाया और शहर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रश्न 1. अभय सर्राफ का निधन कब हुआ?
उत्तर: शनिवार रात्रि लगभग 10 बजे उनका निधन हुआ।
प्रश्न 2. निधन का कारण क्या था?
उत्तर: अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ।
प्रश्न 3. अंतिम संस्कार कहां हुआ?
उत्तर: शिवगंगा स्थित श्मशान घाट, देवघर में अंतिम संस्कार किया गया।
प्रश्न 4. किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
रीता चौरसिया, डॉ गौरव कुमार सिंह सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि दी। पूर्व विधायक नारायण दास और सांसद निशिकांत दुबे ने दूरभाष पर संवेदना व्यक्त की।
निष्कर्ष
अभय सर्राफ का निधन देवघर के सामाजिक और व्यापारिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका सेवा भाव, सरलता और समाज के प्रति प्रतिबद्धता शहरवासियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। देवघर ने एक ऐसा व्यक्तित्व खो दिया है, जिसने जीवन भर समाज को जोड़ने और आगे बढ़ाने का कार्य किया।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी और परिजनों से प्राप्त विवरण के आधार पर तैयार किया गया है।









