
झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर आधा दर्जन से अधिक नाम की चर्चा तेज
पूर्व सीएम रघुवर, अर्जुन व चंपाई के नाम की जोरशोर से हो रही है चर्चा
रविंद्र राय, आदित्य साहु, प्रदीप वर्मा, राकेश प्रसाद, अमर कुमार बाउरी, अनंत ओझा का नाम भी चर्चा में
रांची से लेकर दिल्ली दरबार तक हो रही है लाबिंग, कई सांसद व विधायक लाबिंग में शामिल
सुनील झा
देवघर। झारखंड भाजपा संगठन को मजबूत करने के लिए सांगठनिक स्तर पर फेरबदल किए जाने की प्रक्रिया जारी है।इसी क्रम में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भाजपा विधायक सह पूर्व सीएम बाबुलाल मरांडी को बीते 7 मार्च को पार्टी विधायक दल का नेता चुनकर विपक्ष का नेता बनाया था। तभी से कयास लगाया जा रहा था कि भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष शीघ्र मिलेगा। लेकिन अब तक ऐसा हुआ नहीं है।

अब एक बार फिर से नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शिक्षक से इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखने वाले पूर्व सीएम मरांडी के पास पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सीएम सहित लंबा राजनीतिक अनुभव है, जो अब विधानसभा में पार्टी का आवाज बुलंद करने काम करेंगे। फिलहाल वह संगठन का काम भी देख रहे हैं। एक बार फिर अब नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जिसमें पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपाई सोरेन के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहु, प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा, प्रदेश सदस्यता प्रभारी राकेश प्रसाद, पूर्व विधायक अमर कुमार बाउरी, अनंत ओझा का नाम चर्चा में है।

इनमें से प्रदेश अध्यक्ष का ताज किसके माथे सजेगा यह तो आने वाले समय में सबों के सामने होगा। लेकिन सूत्रों का कहना है कि आदिवासी व ओबीसी मतदाताओं को रिझाने के लिए इन्हीं कोई एक समुदाय से नया प्रदेश अध्यक्ष दे। वैसे स्वर्ण जाती की नाराजगी भी पार्टी मोल लेना नहीं चाहता है। उपरोक्त नामों में से पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा व चंपाई सोरेन का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। इन तीन नाम में से एक नाम रघुवर दास का अन्य पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर रांची से दिल्ली दरबार तक इच्छुक लोगों द्वारा लाबिंग की जा रही है।

इसी परिप्रेक्ष्य में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो व हजारीबाग के सांसद मनीष जयसवाल का पिछला दिल्ली दौरा को देखा जा रहा है। बताया जाता है कि दोनों सांसद ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह आदि नेताओं से मिले और इस बाबत मंत्रणा की है। पूर्व राज्यपाल रघुवर दास पूर्व सीएम होने के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, मंत्री व बहुमत की सरकार चलाने का अनुभव व संगठन में अच्छी खासी पकड़ है। वह राज्यपाल पद से इस्तीफा देकर एक बार फिर सक्रिय राजनीति में शामिल हुए हैं।

वहीं आदिवासी समुदाय से आने वाले पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा तीन बार सीएम, एक बार केंद्रीय मंत्री होने और राजनीतिक के मंजे हुए खिलाड़ी हैं। पूर्व सीएम चंपाई सोरेन लंबा राजनीतिक अनुभव रखते पूर्व सीएम होने के साथ मंत्री पद को संभाल कर बेहतर प्रदर्शन कर जनता के दिल को जीता है। स्वर्ण समाज से आने वाले कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय, अनंत ओझा व राकेश प्रसाद में से रविंद्र राय पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व हुडको निदेशक, मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और इनके प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में पार्टी ने झारखंड में बेहतर प्रदर्शन किया था।

संगठन में इनकी पकड़ जमीनी स्तर पर है। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक जीवन में कदम रखने वाले राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा, विधानसभा में सचेतक रहे और मुखर होकर आवाज उठाया था। इस युवा तुर्क को पार्टी में जुझारू व संघर्षशील कार्यकर्ता के रूप में रही है। वहीं रामगढ़ के पतरातु क्षेत्र से आने वाले राकेश प्रसाद प्रदेश बीस सूत्री समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और प्रदेश सदस्यता प्रभारी का निर्वहन भी किया है। साथ ही संगठन के काम बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

ओबीसी समाज से आने वाले प्रदेश उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहु, प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा संगठन के कई पदों को सुशोभित कर संगठन को मजबूती व नई दिशा देने काम किया है। कार्यकर्ताओं के बीच भी इन दोनों की अच्छी पकड़ है।

वहीं दलित समाज आने वाले चंदकियारी के पूर्व विधायक अमर कुमार बाउरी विधानसभा में विधायक दल नेता, मंत्री पद को संभालने के संगठन व मोर्चा को धार देने का काम किया है। भाजपा की ओर से अब नया प्रदेश अध्यक्ष किसे बनाया जाता है यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा, फिलहाल कयासों का दौर जारी है।








